हरियाणा कोर्ट परिसर में गैंगस्टर की हत्या, फायरिंग से मची अफरा-तफरी
हिसार में कोर्ट परिसर में गोलीबारी
हिसार: हरियाणा के हिसार में गुरुवार दोपहर को कोर्ट परिसर के मुख्य गेट पर हुई गोलीबारी ने हड़कंप मचा दिया। गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना को हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि इस हमले में उसके तीन साथी भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकला। सूचना मिलते ही डीएसपी सहित भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी।
कोर्ट के गेट पर अचानक फायरिंग
जानकारी के अनुसार, विनोद काना गुरुवार को हिसार कोर्ट में पेशी के लिए आया था। दोपहर करीब ढाई बजे, जब वह अपने साथियों के साथ कोर्ट के मुख्य गेट से बाहर निकल रहा था, तभी घात लगाए बैठे दो हमलावरों ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने लगभग 14 से 15 राउंड गोलियां चलाईं, जिससे कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। विनोद काना गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घायल साथी ने हमलावर को पकड़ा
फायरिंग के बाद दोनों हमलावर वकीलों की पार्किंग की ओर भागने लगे। विनोद के एक घायल साथी ने एक हमलावर का पीछा किया, लेकिन आरोपी ने उस पर दोबारा गोली चला दी, जो उसके पैर में लगी।
इसके बावजूद, घायल ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी को पार्किंग में पकड़ लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी वहां पहुंचे और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने घटनास्थल को घेरा
घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाने का कार्य शुरू किया।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में इसे गैंगवार से जोड़ा जा रहा है, और पुलिस हमले के पीछे की वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
विनोद काना का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, विनोद पानू उर्फ काना हिसार का कुख्यात बदमाश था, जिसके खिलाफ हत्या सहित करीब 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। उसकी आपराधिक गतिविधियां हिसार के अलावा दिल्ली-एनसीआर और अन्य क्षेत्रों में फैली हुई थीं।
उसे हिसार की विधायक सावित्री जिंदल के पीए के भतीजे की हत्या में शामिल होने का भी आरोप था।
2017 में विनोद काना की गिरफ्तारी
पुलिस ने विनोद काना को 2017 में झज्जर के भड़ावास क्षेत्र से गिरफ्तार किया था, उस समय उसकी गिरफ्तारी पर 7 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस का दावा था कि उस समय यह गिरोह मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी की हत्या की साजिश में जुटा हुआ था।
हमलावरों की तलाश जारी
फिलहाल, पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। दूसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। कोर्ट परिसर में हुई इस वारदात के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस गैंगवार से जुड़े पुराने विवादों और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।