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हरियाणा परिवहन विभाग की नई पहल: यात्रियों के लिए हाईटेक सुविधाएं

हरियाणा परिवहन विभाग ने यात्रियों के लिए नई सुविधाओं की घोषणा की है, जिसमें GPS ट्रैकिंग और ऑनलाइन टिकट बुकिंग शामिल हैं। यह पहल यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी, जिससे वे अपनी बस की स्थिति और समय का सही प्रबंधन कर सकेंगे। जानें इस नई व्यवस्था के बारे में और कैसे यह यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
 

यात्रियों के लिए नई सुविधाएं

हिसार, 07 अप्रैल। हरियाणा के परिवहन विभाग ने प्रदेश के लाखों यात्रियों को राहत प्रदान करते हुए रोडवेज बेड़े को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब यात्रियों को बस स्टैंड पर भटकने या पूछताछ खिड़की पर घंटों इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने बसों में जियो ट्रैकिंग सिस्टम और GPS उपकरण लगाने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत यात्री अपने घर से ही जान सकेंगे कि उनकी बस कहां है और उसे बस स्टैंड तक पहुंचने में कितना समय लगेगा।


डिजिटल समाधान से मिलेगी सुविधा

परिवहन विभाग का यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो रोजाना नौकरी या पढ़ाई के लिए अंतरराज्यीय यात्रा करते हैं। अक्सर देखा गया है कि बसों की देरी या रूट में बदलाव के कारण यात्रियों का समय बर्बाद होता था। अब मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से लोग अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह सेवा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके परिजन भी बस की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे।


ऑनलाइन टिकट बुकिंग की वापसी

रोडवेज ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लंबे समय से बंद ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा को फिर से शुरू किया है। अब यात्री दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला, जयपुर और पांवटा साहिब जैसे प्रमुख रूटों के लिए पहले से अपनी पसंदीदा सीट बुक कर सकेंगे। इससे अंतिम समय में बस स्टैंड पर होने वाली भीड़-भाड़ और सीट की कमी की चिंता समाप्त हो जाएगी। विभाग ने इसके लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट को अपडेट किया है, जहां से यात्री आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं।


यात्रा सुरक्षा और पारदर्शिता पर ध्यान

परिवहन विभाग का यह डिजिटल परिवर्तन यात्रियों को बेहतर यातायात सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। GPS प्रणाली से न केवल बसों की स्थिति का पता चलेगा, बल्कि उनके समय सारणी में भी सुधार होगा। विभाग अब यह भी देख सकेगा कि बसें अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं या नहीं और चालक निर्धारित रूट का पालन कर रहे हैं या नहीं। इससे सरकारी परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और रोडवेज की आय में भी वृद्धि की संभावना है।