हरियाणा पुलिस भर्ती के फिजिकल टेस्ट में बदलाव, नई तिथि घोषित
हरियाणा में पुलिस भर्ती के फिजिकल टेस्ट का नया शेड्यूल
चंडीगढ़, 14 अप्रैल। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने पुलिस भर्ती और अन्य तकनीकी पदों के लिए फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। आयोग द्वारा जारी किए गए नवीनतम नोटिस के अनुसार, जो शारीरिक माप परीक्षण पहले 15 अप्रैल से शुरू होने वाला था, अब इसे 20 अप्रैल 2026 से आयोजित किया जाएगा। इस परिवर्तन से प्रदेश के हजारों युवाओं को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल गया है। उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है कि फिजिकल टेस्ट की प्रक्रिया सुबह 6:30 बजे से प्रारंभ होगी, इसलिए समय पर रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
17 अप्रैल को उम्मीदवारों की सूची जारी होगी
एचएसएससी ने यह स्पष्ट किया है कि फिजिकल टेस्ट के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची 17 अप्रैल को जारी की जाएगी। इसी दिन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अभ्यर्थी अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें ताकि परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का सामना न करना पड़े।
कौन से पदों के लिए हो रहा है फिजिकल टेस्ट
यह पीएमटी प्रक्रिया केवल पुलिस विभाग के लिए ही नहीं, बल्कि वन विभाग और रेलवे पुलिस के विभिन्न पदों के लिए भी लागू की जा रही है। इसमें डिप्टी रेंजर (स्पोर्ट्स कोटा), वार्डर (पुरुष और महिला स्पोर्ट्स कोटा), एएसपी पुरुष स्पोर्ट्स कोटा और मेल-फीमेल कांस्टेबल जनरल ड्यूटी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मेल-फीमेल कांस्टेबल जनरल ड्यूटी स्पोर्ट्स कोटा, पुरुष कांस्टेबल गवर्नमेंट रेलवे पुलिस, सब इंस्पेक्टर पुरुष स्पोर्ट्स कोटा, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड के पदों के लिए भी शारीरिक माप ली जाएगी।
युवाओं पर इसका प्रभाव
इस शेड्यूल में देरी का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो लंबे समय से इन भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, यह पांच दिन की देरी उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों को व्यवस्थित करने और शारीरिक रूप से खुद को तैयार करने का अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है। हरियाणा की इन भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कड़े नियम बनाए हैं। फिजिकल टेस्ट के दौरान बायोमेट्रिक हाजिरी और वीडियोग्राफी जैसी तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना न रहे।