हरियाणा में 160 करोड़ रुपये के FD घोटाले का खुलासा, बैंक मैनेजर गिरफ्तार
हरियाणा में FD घोटाले का मामला
चंडीगढ़: हरियाणा में कोटक महिंद्रा बैंक में 160 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में बैंक के पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दिलीप कुमार राघव पर आरोप है कि उन्होंने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर नगर निगम पंचकूला को FD से संबंधित गलत जानकारी दी। आरोप है कि निगम द्वारा बैंक को सौंपी गई राशि को बैंक के कर्मचारी फर्जी खातों में ट्रांसफर कर रहे थे। निगम को धोखा देने के लिए बैंक अधिकारी लगातार जाली स्टेटमेंट और दस्तावेज प्रस्तुत करते रहे।
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब नगर निगम ने अपनी 58 करोड़ रुपये की FD की मैच्योरिटी पर मुख्य खाते में राशि ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। बैंक ने स्टेटमेंट जारी किया कि पैसा ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन असल बैलेंस शून्य था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि स्टेटमेंट पूरी तरह से जाली थी। इसके बाद नगर निगम ने अपनी अन्य FDs की भी जांच करवाई, जिसमें और भी विसंगतियाँ सामने आईं।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम पंचकूला ने सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में 16 FD करवाई थीं, जिनकी कुल राशि लगभग 145 करोड़ रुपये और मैच्योरिटी वैल्यू लगभग 158 करोड़ रुपये थी। इनमें से 11 FD 16 फरवरी 2026 को मैच्योर हो चुकी थीं। बैंक स्टेटमेंट में केवल 2.17 करोड़ रुपये बैलेंस दिखाया गया, जबकि निगम के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 50 करोड़ रुपये होना चाहिए थे। बाद में बैंक ने कहा कि खाते में लगभग 12 करोड़ रुपये हैं और कोई सक्रिय टर्म डिपॉजिट मौजूद नहीं है।
इस मामले में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया गया है। बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नगर निगम के निर्देश पर FD और बैंक खातों का मिलान किया गया था और अब तक जांचे गए रिकॉर्ड के अनुसार सभी लेनदेन बैंकिंग नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार किए गए हैं। मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।