×

हरियाणा में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए नियम लागू

हरियाणा सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे निवेशकों को लंबी कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। अब औद्योगिक अनुमति ऑनलाइन और सेल्फ-सर्टिफिकेशन के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। यह कदम न केवल औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। जानें इस नए नियम के बारे में और कैसे यह हरियाणा को एक प्रमुख औद्योगिक हब बनाने में सहायक होगा।
 

मुख्यमंत्री सैनी का बड़ा निर्णय

चंडीगढ़ . हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र को नई गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रदेश में नए उद्योग या फैक्ट्री स्थापित करने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने 'हरियाणा शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरिया रेस्ट्रिक्शन ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट एक्ट, 1963' में महत्वपूर्ण संशोधन लागू कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, नियंत्रित क्षेत्रों में अब सेल्फ-सर्टिफिकेशन के आधार पर सीधे औद्योगिक अनुमति प्राप्त की जा सकेगी।


नए नियमों का प्रभाव

राज्य सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम 13 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में लागू होगा। नए प्रावधानों का सीधा लाभ उन निवेशकों और व्यवसायियों को मिलेगा जो हरियाणा में अपना उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। अब उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और अनावश्यक औपचारिकताओं से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


ऑनलाइन मंजूरी की प्रक्रिया

ऑनलाइन मिलेगी सीधी मंजूरी, खत्म हुई लालफीताशाही


नए कानून के तहत अनुमति प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन बना दिया गया है। यदि कोई व्यवसायी नियंत्रित क्षेत्र के कनफॉर्मिंग जोन में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहता है, तो उसे पुरानी जटिल प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदक को केवल निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।


निवेशकों के लिए सुविधाजनक बदलाव

जैसे ही शुल्क और जानकारी अपलोड की जाती है, अनुमति की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ जाएगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कनफॉर्मिंग जोन में सेल्फ-सर्टिफिकेशन से मिली अनुमति के बाद डायरेक्टर स्तर पर किसी भी प्रकार की अलग जांच नहीं की जाएगी। इस निर्णय से फाइलें अटकने की संभावना समाप्त हो गई है, जिससे निवेशकों का कीमती समय बचेगा और उनका विश्वास और मजबूत होगा।


पुराने ऑर्डिनेंस का निरस्तीकरण

पुराना ऑर्डिनेंस निरस्त, पहले के फैसले रहेंगे वैध


इस नए संशोधन के लागू होने के साथ ही राज्य सरकार ने पहले से लागू 2025 के पुराने ऑर्डिनेंस को रद्द कर दिया है। सरकार ने 'हरियाणा शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरिया रेस्ट्रिक्शन ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2025' को निरस्त कर दिया है। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पुराने ऑर्डिनेंस के तहत जो भी निर्णय या कार्रवाइयां हुई थीं, वे इस नए कानून के तहत पूरी तरह वैध मानी जाएंगी। हरियाणा सरकार का यह कदम प्रदेश को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।