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हरियाणा में खेल और पर्यावरण का समन्वय: विपुल गोयल का दृष्टिकोण

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने खेल और पर्यावरण के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में खेल विकास केवल पदकों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एंड सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव-2026 में भाग लेते हुए हरियाणा सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। गोयल ने ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की बात की। उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टेडियम और सस्टेनेबल स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस कॉन्क्लेव को खेल, पर्यावरण और तकनीक के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना गया।
 

खेल विकास में पर्यावरण का महत्व

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी)- हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा है कि भविष्य में खेल विकास केवल पदकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक और सतत विकास के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ ग्रीन स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उनका मानना है कि खेल और पर्यावरण का समन्वय भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का मजबूत आधार तैयार करेगा।


इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एंड सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव-2026

विपुल गोयल ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एंड सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित थे। Let’s Do It India Foundation और Green Hockey AG, Switzerland के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के राजनयिकों, नीति-निर्माताओं, खेल प्रशासकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


खेलों के साथ पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता

खेलों के साथ पर्यावरण संरक्षण भी समय की आवश्यकता
विपुल गोयल ने कहा कि आज की दुनिया को ऐसी खेल व्यवस्था की आवश्यकता है, जो खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों को भी आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम जैसे विश्वस्तरीय मंच पर खेल और पर्यावरण को एक साथ जोड़ना एक दूरदर्शी पहल है, जो भविष्य की आवश्यकताओं को दर्शाती है।


हरियाणा की खेल संस्कृति

हरियाणा की खेल संस्कृति बनी देश के लिए मिसाल
उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भूमि रही है। कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी, एथलेटिक्स, शूटिंग जैसे खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, सरकार की प्रभावी खेल नीति, खेल अकादमियों के विस्तार और लगातार मिल रहे प्रोत्साहन का परिणाम है।


गांव-गांव की प्रतिभा को पहचानना

गांव-गांव की प्रतिभा को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में खेल अवसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि हरियाणा भविष्य में भी देश का अग्रणी खेल राज्य बना रहे।


2036 की तैयारी

2036 की तैयारी, ग्रीन स्टेडियम और सस्टेनेबल स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
विपुल गोयल ने कहा कि वर्ष 2036 की खेल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हरियाणा आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल खेल ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। ग्रीन स्टेडियम, सस्टेनेबल स्पोर्ट्स अकादमियां, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देकर खेल विकास को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा रहा है।


खेलो इंडिया और मिशन लाइफ

‘खेलो इंडिया’ और ‘मिशन लाइफ’ ने दी नई दिशा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ अभियान ने देशभर में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है। वहीं ‘मिशन लाइफ’ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इन दोनों अभियानों का समन्वय आत्मनिर्भर, विकसित और हरित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


वैश्विक सहयोग का महत्व

वैश्विक सहयोग से मिलेगा भारतीय खेलों को नया आयाम
विपुल गोयल ने Green Hockey AG, Switzerland का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था ने यूरोप और अमेरिका में सस्टेनेबल स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। भारत में उसकी भागीदारी से पर्यावरण अनुकूल खेल परिसरों, आधुनिक तकनीकों और वैश्विक सहयोग को नई गति मिलेगी।


लेट्स डू इट इंडिया फाउंडेशन की भूमिका

पर्यावरण संरक्षण में लेट्स डू इट इंडिया फाउंडेशन की सराहनीय भूमिका
उन्होंने Let’s Do It India Foundation की सराहना करते हुए कहा कि एक छोटे से वेस्ट मैनेजमेंट अभियान से शुरू हुई यह संस्था आज वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी का मजबूत अभियान बन चुकी है। जनभागीदारी के माध्यम से संस्था ने भारत को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।


कॉन्क्लेव का महत्व

नई सोच और नवाचार का मंच बनेगा यह कॉन्क्लेव
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एंड सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव-2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि खेल, पर्यावरण, तकनीक और वैश्विक सहयोग को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजन नए विचारों, नवाचारों और साझेदारियों को बढ़ावा देंगे, जिससे भारत का खेल ढांचा और अधिक आधुनिक, तकनीक-संपन्न तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनेगा।


हरियाणा में ग्रीन स्पोर्ट्स परियोजनाएं

हरियाणा में ग्रीन स्पोर्ट्स परियोजनाओं को मिलेगा पूरा सहयोग
विपुल गोयल ने आश्वासन दिया कि हरियाणा सरकार भविष्य में प्रदेश में सस्टेनेबल स्पोर्ट्स परियोजनाओं, ग्रीन स्टेडियम और पर्यावरण अनुकूल खेल अवसंरचना के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में सभी सकारात्मक पहलों को पूरा सहयोग देगी।


कार्यक्रम का समापन

आयोजकों को दी बधाई
कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री ने Let’s Do It India Foundation के संस्थापक प्रोफेसर पंकज चौधरी, निदेशक रामजय सिंह खटाना, आयोजन समिति तथा देश-विदेश से आए सभी प्रतिनिधियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉन्क्लेव भारत को खेल और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही उन्होंने फाउंडेशन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सामूहिक प्रयास भारत को स्वच्छ, हरित और सतत विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।