×

हरियाणा में गर्मियों की छुट्टियों की घोषणा, शिक्षा में सुधार के लिए नए कदम

हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों की अवधि को बढ़ाकर 37 दिन कर दिया है, जो 25 मई से 30 जून तक लागू होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें श्रमदान को अनिवार्य करना और स्मार्ट कक्षाओं को कार्यशील बनाना शामिल है। जानें इस नई नीति के तहत क्या बदलाव होंगे और शिक्षा क्षेत्र में क्या नई पहल की जा रही हैं।
 

गर्मी की छुट्टियों का ऐलान

चंडीगढ़, 20 मई। हरियाणा सरकार ने अत्यधिक गर्मी को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन छुट्टियों की अवधि को 6 दिन पहले घोषित किया है। इस वर्ष, छुट्टियां 30 दिनों की बजाय 37 दिन रहेंगी, जो 25 मई से 30 जून तक लागू होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया। इस बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के सुझावों को मानते हुए, हरियाणा के सरकारी स्कूलों में श्रमदान को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों में अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।


शिक्षण व्यवस्था में सुधार

शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन नहीं ले जाएंगे। शिक्षकों के मोबाइल फोन विद्यालय के प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे, और शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि पढ़ाई पर कोई असर न पड़े और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।


नई विद्यालयों की शुरुआत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों की स्थापना की। वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के अनुसार, पहले चरण में 250 विद्यालयों का शुभारंभ किया गया है। ये विद्यालय प्रधानमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों और आदर्श विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे।


आधारभूत संरचना में सुधार

मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल भवनों का डिजाइन एकरूपता और गुणवत्ता के आधार पर तैयार किया जाए, ताकि अव्यवस्थित संरचनाओं से बचा जा सके। जर्जर या अनुपयोगी घोषित भवनों के लिए नए भवनों का निर्माण प्राथमिकता से किया जाएगा।


स्मार्ट कक्षाओं और जवाबदेही पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं को पूरी तरह से कार्यशील बनाया जाए। जहां तकनीकी कारणों से ये संचालित नहीं हो रही हैं, वहां तुरंत सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की है, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।