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हरियाणा में गेहूं खरीद में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप

हरियाणा में गेहूं खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया में गंभीर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने मंडियों में भारी समस्याओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
 

हरियाणा में गेहूं खरीद की स्थिति

चंडीगढ़- हरियाणा में गेहूं की खरीद, उठान और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने आरोप लगाया है कि मंडियों में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के चलते किसान और आढ़ती दोनों ही परेशान हैं।


गर्ग ने बताया कि राज्य की मंडियों में अब तक लगभग 84.50 लाख टन गेहूं की आवक हुई है, लेकिन उठान केवल 39 लाख टन ही हो पाया है। इस धीमी प्रक्रिया के कारण करीब 62 प्रतिशत गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है, जिससे किसानों को भुगतान के लिए 20 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
गर्ग ने कहा कि सरकार के 48 घंटे में खरीद, उठान और भुगतान के दावों की सच्चाई पूरी तरह गलत साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उठान में देरी के कारण होने वाले नुकसान का भार आढ़तियों पर डालना अन्याय है, जबकि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार हैं।


उन्होंने मांग की कि गेहूं में होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारियों से की जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देने की भी मांग उठाई गई है। गर्ग ने कहा कि मौजूदा नीतियों से किसान, आढ़ती और मजदूर सभी प्रभावित हो रहे हैं और सरकार को व्यवस्था सुधारने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।