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हरियाणा में ठंड का असर: फसलों के लिए फायदेमंद मौसम

हरियाणा में ठंड का मौसम गेहूं और सरसों की फसल के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गिरता तापमान फसलों की गुणवत्ता और पैदावार को बढ़ाने में मदद करेगा। हालांकि, घने कोहरे के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जानें इस मौसम के फसलों पर प्रभाव और किसानों के लिए क्या सलाह दी जा रही है।
 

हरियाणा में ठंड का प्रभाव

हिसार। हरियाणा में घने कोहरे ने यातायात को प्रभावित किया है, लेकिन यह ठंड गेहूं और सरसों की फसल के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार में वृद्धि की उम्मीद है।


हाल के दिनों में हरियाणा के मौसम में काफी बदलाव आया है। यमुनानगर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड का अनुभव हो रहा है। सुबह के समय पूरा क्षेत्र घने कोहरे से ढका हुआ दिखाई देता है।


जहां यह कोहरा वाहन चालकों और आम जनता के लिए समस्या उत्पन्न कर रहा है, वहीं कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरता तापमान रबी फसलों के लिए एक वरदान साबित होगा।


कोहरे का सड़क पर असर

सड़क पर ब्रेक और कोहरे का कहर


यमुनानगर और अन्य क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता बहुत कम है। घने कोहरे के कारण सड़क पर वाहनों की गति धीमी हो गई है। ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने सलाह दी है कि वाहन चालक फॉग लाइट का उपयोग करें और धीमी गति से चलें। हालांकि, दिन के समय धूप निकलने से ठंड में थोड़ी राहत मिलती है।


सरसों की खेती के लिए ठंड का महत्व

सरसों की खेती के लिए अमृत है यह ठंड


किसानों के चेहरे इस मौसम से खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड सरसों की फसल के लिए अत्यंत लाभकारी है।



  • तेल की मात्रा बढ़ेगी: ठंड के कारण सरसों के दानों में तेल की मात्रा में वृद्धि होगी।


  • कीटों का खात्मा: ठंड से हानिकारक कीड़ों का प्रकोप कम हो जाता है, जिससे कीटनाशकों पर खर्च बचता है।


  • आदर्श तापमान: सरसों की बेहतरीन वृद्धि के लिए 10 से 20 डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे उपयुक्त है।



गेहूं की फसल पर प्रभाव

गेहूं की पैदावार में होगा जबरदस्त इजाफा


यह मौसम केवल सरसों के लिए ही नहीं, बल्कि गेहूं की फसल के लिए भी फायदेमंद है। विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं एक शीतोष्ण जलवायु की फसल है।



  • जड़ें होंगी मजबूत: ठंड के कारण गेहूं के पौधों में जड़ों का फैलाव अच्छा होता है।


  • दाने का भराव: यदि रात का तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, तो बालियों में दाने का भराव ठोस होता है।


  • नुकसान से बचाव: यदि गर्मी बढ़ती, तो गेहूं का दाना पिचक सकता था, लेकिन मौजूदा ठंड ने फसल को हीट स्ट्रेस से बचा लिया है।



किसानों के लिए सलाह

कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को इस समय सिंचाई पर ध्यान देना चाहिए। यदि पाला पड़ने की संभावना हो, तो हल्की सिंचाई करें। यह मौसम चने और मटर की फसल के लिए भी अनुकूल है। यदि मौसम ऐसा ही बना रहा, तो हरियाणा में रबी की बंपर पैदावार की उम्मीद है।


FAQ’s

FAQ’s


प्रश्न: मौजूदा ठंड का सरसों की फसल पर क्या असर होगा?


उत्तर: ठंड के कारण सरसों में फूल और फलियां अच्छी बनती हैं और दानों में तेल की मात्रा बढ़ती है। साथ ही माहू जैसे कीटों का हमला कम होता है।


प्रश्न: गेहूं के लिए कितना तापमान सही माना जाता है?


उत्तर: गेहूं की अच्छी पैदावार और दाने के भराव के लिए रात का तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच होना सबसे उपयुक्त माना जाता है।


प्रश्न: वाहन चालकों के लिए क्या सलाह है?


उत्तर: मौसम विभाग और प्रशासन ने वाहन चालकों को सुबह के समय फॉग लाइट का उपयोग करने और गाड़ी धीमी चलाने की सलाह दी है।


आने वाले दिनों का मौसम

अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम


मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में सुबह और शाम की ठंड बढ़ सकती है। हालांकि, दिन में धूप निकलने से मौसम खुशनुमा बना रहेगा। विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय ठंड से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।