हरियाणा में डिजिटल ठगी का मामला: 1.89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में दो और गिरफ्तार
हरियाणा समाचार
रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में एक डिजिटल ठगी के मामले में पुलिस ने 1.89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में दो और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तराखंड के नैनीताल निवासी देवेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ दीपक और राजस्थान के जयपुर निवासी खुशीराम धाकड़ उर्फ राहुल शामिल हैं। इससे पहले, पुलिस ने इस मामले में 11 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था।
फोन के जरिए ठगी का जाल
जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 के निवासी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनकी सिम बंद होने वाली है और उनके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज है।
धोखाधड़ी में 1.89 करोड़ रुपये का ट्रांसफर
इसके बाद, एक अन्य कॉल पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है। उन्होंने राजपाल को बताया कि अगर वह बचना चाहता है, तो उसे पैसे ट्रांसफर करने होंगे। राजपाल ने पहले कुछ पैसे ट्रांसफर किए, लेकिन फिर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी दी गई। इस प्रकार, 3 मार्च से 20 अप्रैल के बीच कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए।
निगरानी के लिए ऐप का उपयोग
आरोपियों ने राजपाल और उनकी पत्नी के फोन पर एक ऐप डाउनलोड कराया, जिससे उनकी निगरानी की गई। राजपाल ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट और जज दिखाए गए। एक फर्जी जज ने उन्हें 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने के लिए कहा।
पहले से गिरफ्तार 11 आरोपी
पुलिस ने साइबर थाना में ठगी का मामला दर्ज कर पहले ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने ठगी की गई राशि में से 4.73 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि राहुल ने ठगों को बैंक खाता मुहैया कराया था, जबकि देवेंद्र के खाते में 9 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर हुई थी।