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हरियाणा में नाबालिग गर्भावस्था का मामला: 14 वर्षीय लड़की की कहानी

हरियाणा के उचाना में एक 14 वर्षीय नाबालिग गर्भवती होने का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और समाज को झकझोर कर रख दिया है। जब लड़की गर्भावस्था की जांच के लिए अस्पताल गई, तो उसकी उम्र का खुलासा हुआ। इस मामले में POCSO अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है और जांच बिहार पुलिस द्वारा की जा रही है। जानें इस संवेदनशील मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की गंभीरता।
 

हरियाणा में नाबालिग गर्भावस्था का मामला

हरियाणा में 14 वर्षीय नाबालिग गर्भवती, POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज: हरियाणा के उचाना में एक गंभीर घटना ने प्रशासन और समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक 14 वर्षीय लड़की जब गर्भावस्था की जांच के लिए सिविल अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने उसके आधार कार्ड से उसकी उम्र का पता लगाया—वह केवल 14 साल की थी। उसकी जन्मतिथि 30 मार्च 2011 है, और वह दो महीने की गर्भवती है।


डॉक्टर सुशील कुमार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने POCSO अधिनियम की धारा 6, IPC की धारा 65(1), और बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया। FIR को जीरो FIR के रूप में दर्ज कर बिहार ट्रांसफर कर दिया गया है।


शादी, गर्भावस्था और FIR: पीड़िता की कहानी


पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह बिहार के पूर्णिया जिले की निवासी है। उसके माता-पिता हरियाणा के उचाना मंडी में रहते हैं। 25 अप्रैल 2025 को उसकी शादी पूर्णिया में पिंटू चौहान नामक युवक से हुई। शादी के बाद वह कटिहार जिले के सिवाना गांव में अपने पति के साथ रहने लगी।


कुछ दिन पहले जब वह गर्भावस्था की जांच के लिए उचाना सिविल अस्पताल गई, तब उसकी उम्र का खुलासा हुआ। डॉक्टरों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पीड़िता ने बिना किसी दबाव के अपना बयान दिया। (हरियाणा POCSO मामला) अब बिहार पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।


डॉक्टरों की सतर्कता से मामला उजागर हुआ, जांच जारी


उचाना सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर योगेश ने बताया कि एक हफ्ते पहले लड़की ओपीडी में आई थी। उसकी उम्र और गर्भावस्था की स्थिति देखकर उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया। (उचाना सिविल अस्पताल) की सतर्कता से यह संवेदनशील मामला सामने आया।


पुलिस ने लड़की की मां धन्नो देवी, पिता विनोद और पति पिंटू चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज में बाल विवाह और नाबालिगों के शोषण की गंभीरता को भी उजागर करता है। (हरियाणा में नाबालिग गर्भावस्था का मामला) की जांच अब पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।