हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 की शुरुआत, जानें इसके लाभ
हरियाणा में नई रजिस्ट्री प्रक्रिया का शुभारंभ
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिकों को बेहतर और तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के लिए मंगलवार को ऑटो म्यूटेशन और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 की शुरुआत की। यह कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें डीसी अभिषेक मीणा और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इससे पहले, डीसी ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि यह नई प्रणाली रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 29 सितंबर 2025 को पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 की शुरुआत की थी, और अब इसके सफल संचालन के बाद पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को लागू किया गया है।
नई व्यवस्था में आवेदन फॉर्म को अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है। अब आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी, जिससे पहचान संबंधी विवादों की संभावना कम होगी। इसके अलावा, एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। डीड तैयार करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिसमें डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन शामिल हैं, जिससे दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी।
रजिस्ट्री से संबंधित भूमि की जानकारी को भी अधिक पारदर्शी बनाया गया है। विभिन्न विभागों से आवश्यक जानकारियां रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान ऑनलाइन प्रदर्शित होंगी, जिससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी उपस्थित थे।