हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताएं, तस्करी गिरोहों का पर्दाफाश
चंडीगढ़ में बच्चों की तस्करी पर चिंता
चंडीगढ़। हाल ही में दिल्ली में बच्चों की तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा होने के बाद हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण हरियाणा लंबे समय से बच्चों की गुमशुदगी, बाल श्रम, भीख मांगने वाले गिरोहों और मानव तस्करी के मामलों का शिकार रहा है। फिर भी, हरियाणा पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में हजारों बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाने में सफलता प्राप्त की है। हाल ही में एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने बताया कि राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हुई है। 2024 में, बच्चों के खिलाफ 7,547 अपराधों के मामले दर्ज किए गए, जो कि 2023 की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें अपहरण, यौन अपराध और तस्करी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने हाल के वर्षों में कई बाल तस्करी गिरोहों का पर्दाफाश किया है, जिनमें नवजात बच्चों को लाखों रुपये में बेचने और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अवैध गोद लेने के मामले शामिल हैं। इन गिरोहों के संबंध अन्य राज्यों से भी पाए गए हैं।
ऑपरेशन मुस्कान की सफलता
ऑपरेशन मुस्कान बना बड़ी ताकत
हरियाणा पुलिस ने बच्चों की गुमशुदगी और तस्करी को रोकने के लिए 'ऑपरेशन मुस्कान' और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के माध्यम से निरंतर अभियान चलाए हैं। 2020 में, हरियाणा पुलिस ने 1,716 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया, जिनमें से 283 बच्चों को विशेष एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाइयों ने बरामद किया। इस अभियान के दौरान 1,189 बाल भिखारियों और 1,941 बाल श्रमिकों को भी बचाया गया। 2015 में, ऑपरेशन मुस्कान के तहत 4,824 बच्चों को ट्रेस किया गया। गुरुग्राम पुलिस ने अकेले 1,094 बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाया।
पुलिस की रणनीति
पुलिस की रणनीति
हरियाणा पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई है:
- बाल श्रम और भीख मांगने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष कार्रवाई।
- एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का गठन।
- 'खोया-पाया' और 'मिसिंग चाइल्ड' पोर्टल पर डेटा अपलोड।
- ऑपरेशन मुस्कान और ऑपरेशन स्माइल जैसे विशेष अभियान।
- रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी।
- बाल कल्याण समितियों और गैर सरकारी संगठनों के साथ समन्वय।
फैक्ट फाइल
फैक्ट फाइल
- 2024 में हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,547 मामले दर्ज।
- 2020 में हरियाणा पुलिस ने 1,716 गुमशुदा बच्चों को खोजा।
- 1,189 बाल भिखारियों और 1,941 बाल श्रमिकों को बचाया गया।
- ऑपरेशन मुस्कान में 2015 के दौरान 4,824 बच्चों को ट्रेस किया गया।
- एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और विशेष अभियान लगातार सक्रिय।