हरियाणा में बारिश का दौर समाप्त होने की ओर, मानसून का प्रभाव सीमित
हरियाणा में बारिश का हाल
पिछले दो दिनों में हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों जैसे यमुनानगर और पंचकूला में भारी बारिश हुई है।
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, इस मानसून सीजन में हरियाणा में सामान्य से कम वर्षा हुई है। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून और जुलाई में बारिश की कमी को अगस्त में कुछ हद तक अच्छी बारिश ने पूरा किया है। फिर भी, वर्तमान में बारिश की कमी 17 प्रतिशत दर्ज की गई है।
हाल के दिनों में हुई बारिश से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। मौसम विभाग के अनुसार, 19 अगस्त को हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी, और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। यह स्पष्ट है कि मानसून का प्रभाव अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन इसका क्षेत्र सीमित होता जा रहा है। उत्तरी हरियाणा में बारिश जारी रह सकती है, जबकि मध्य और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में मौसम में अधिक परिवर्तनशीलता देखने को मिल सकती है।
बारिश के आंकड़े
हरियाणा में मानसून के दौरान सामान्य से 17% से 25% तक कम बारिश हुई है, हालांकि यह आंकड़ा जिलों के अनुसार भिन्न है। कुछ जिलों में कमी अधिक है जबकि कुछ में स्थिति बेहतर है। राज्य में औसतन 17% कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि बीच के हफ्तों में यह कमी 25% से 28% तक पहुंच गई थी। वर्तमान में, राज्य के 13 से अधिक जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
आज का मौसम
बुधवार को हरियाणा में मौसम में बदलाव की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा सहित कई जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बारिश हो सकती है। दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बारिश की संभावना है। उत्तरी हरियाणा में बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रह सकती है, जबकि दक्षिणी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।