हरियाणा में बिजली संकट: कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित हुई आपूर्ति
बिजली वितरण लाइसेंस के खिलाफ बढ़ता विरोध
हिसार: हरियाणा में गुरुग्राम-नूंह में एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के खिलाफ बिजली कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। बिजली निगम के कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल का असर हिसार सर्कल में स्पष्ट रूप से देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, 355 क्षेत्रों में 24 घंटे तक बिजली की कमी बनी रही, जबकि कंट्रोल रूम में आई लगभग 2100 शिकायतों में से केवल 5 का ही समाधान किया जा सका। बिजली की आपूर्ति में रुकावट के कारण लोगों को पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों का प्रदर्शन और हड़ताल
गुरुवार सुबह 8 बजे से हिसार के विद्युत सदन में 450 से अधिक इंजीनियर और कर्मचारी एकत्र हुए। इनमें एसई, एक्सईएन, एसडीओ और जेई जैसे विभिन्न स्तरों के कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने निजी कंपनी को लाइसेंस देने के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स साझा संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने सरकार से लाइसेंस रद्द करने की मांग की। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 24 अक्टूबर को बैठक कर आंदोलन और हड़ताल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।
बिजली संकट से नागरिकों की परेशानी
बिजली संकट से नाराज सेक्टर-13 और आसपास के निवासियों ने गुरुवार शाम को सब-स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। स्थानीय निवासी जगदीश ने बताया कि दोपहर 12 बजे से रात करीब 8:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। इसका प्रभाव सेक्टर-13, सेक्टर-13 पार्ट-2 और सेक्टर-16-17 में रहने वाले हजारों लोगों पर पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
सरकारी कार्यालयों पर भी संकट का असर
बिजली संकट का प्रभाव सरकारी कार्यालयों और कंट्रोल रूम पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, कंट्रोल रूम में अंधेरा होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। ठेकेदार के कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद अस्थायी व्यवस्था की, जिसके बाद कंप्यूटर कनेक्शन जोड़कर रिपोर्ट भेजने का कार्य शुरू किया जा सका।
पानी की आपूर्ति पर भी पड़ा असर
बिजली की लंबी कटौती के कारण पानी की मोटरें भी नहीं चल सकीं, जिससे कई क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हुई। प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में गैबीपुर, अग्रोहा-नंगथला, मंगाली, चौधरीवास, आर्य नगर, जमालपुर, मिर्चपुर, खरड़, अलीपुर, हांसी रेलवे क्षेत्र, उमरा, बास, राजली और सदलपुर शामिल हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में नागोरी गेट, राजगुरु मार्केट, पुरानी सब्जी मंडी, सूर्य नगर, इंद्रा कॉलोनी, शांति नगर, आजाद नगर, पटेल नगर, जवाहर नगर, ऑटो मार्केट, पड़ाव चौक, मिल गेट, कैमरी रोड, सेक्टर-1 से 4, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और नागरिक अस्पताल के आसपास बिजली संकट की सूचना मिली।
सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध
निजी कंपनी को लाइसेंस देने के मुद्दे पर सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है, जबकि बिजली आपूर्ति में रुकावट से आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में सरकार और साझा संघर्ष मोर्चा के बीच बातचीत और 24 अक्टूबर को होने वाली बैठक से आंदोलन की अगली दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।