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हरियाणा में मानसून की रफ्तार आज से तेज, भारी बारिश का अलर्ट

हरियाणा में मानसून की गतिविधियाँ आज से तेज होने जा रही हैं, जिसके चलते अंबाला समेत सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 से 11 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बन रहे डिप्रेशन और राजस्थान में विकसित हो रहे साइक्लोनिक सकुर्लेशन के कारण बारिश की संभावना बढ़ी है। जानें और क्या है मौसम का हाल और किस फसल को है बारिश की जरूरत।
 

अंबाला समेत सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


हरियाणा मौसम (चंडीगढ़): दक्षिण-पश्चिम मानसून अब प्रदेश में दस्तक दे चुका है, लेकिन अभी तक अच्छी बारिश का इंतजार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से मानसून की गतिविधियाँ तेज होंगी। इस कारण अंबाला सहित सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।


भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह और पलवल में आज भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत में भी बारिश हो सकती है। झज्जर, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी और चरखी दादरी में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।


बारिश का सिलसिला 11 जुलाई तक जारी रहेगा

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 8 से 11 जुलाई तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। जुलाई में अब तक मानसून की गतिविधियाँ कम रही हैं, लेकिन आगे बढ़ने की संभावना है। चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने भी 10 जुलाई तक मौसम में बदलाव का पूर्वानुमान जारी किया है।


मानसून के अनुकूल स्थितियाँ

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बन रहे डिप्रेशन और राजस्थान में विकसित हो रहे साइक्लोनिक सकुर्लेशन के कारण मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थितियाँ बन रही हैं। इससे राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। बारिश से दिन के तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी बढ़ेगी।


खरीफ फसल के लिए बारिश की आवश्यकता

ज्ञात रहे कि प्रदेश के कई जिलों में पिछले दिन भी बारिश हुई थी। इस मानसून सीजन में प्रदेश में छिटपुट बारिश हो रही है, जबकि खरीफ की मुख्य फसल धान को अच्छी और भारी बारिश की आवश्यकता है ताकि उसका फुटाव बेहतर हो सके।