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हरियाणा में मौसम में बदलाव: बारिश और आंधी की संभावना

हरियाणा में गर्मी के बीच मौसम में बदलाव आ रहा है। तेज धूप और उमस के बाद अब बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव आज दोपहर से दिखेगा। कृषि विभाग ने किसानों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं के लिए सावधान रहने की सलाह दी है। जानें इस मौसम परिवर्तन के बारे में और क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
 

मौसम में बदलाव का संकेत

चंडीगढ़. हरियाणा में गर्मी के तीखे मौसम के बीच, अब कुदरत ने अपना रुख बदल लिया है। तेज धूप और पश्चिमी हवाओं के कारण बढ़ी उमस के बाद, पूरे राज्य में बारिश और आंधी का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ों से टकरा चुका है, जिसका प्रभाव आज दोपहर बाद मैदानी क्षेत्रों में दिखाई देगा।


बारिश की संभावना

अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे उत्तरी और पूर्वी हरियाणा के जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटों में, नूंह जिला 35.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि हिसार और सिरसा में तापमान 34 डिग्री के आसपास बना रहा। हालांकि, बादलों की आवाजाही के साथ अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है।


मौसम विशेषज्ञों की भविष्यवाणी

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, यह मौसमी परिवर्तन केवल दो दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 30 अप्रैल तक विभिन्न चरणों में जारी रहेगा। विशेष रूप से 28 और 29 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, 30 मार्च को राज्य के लगभग सभी जिलों में मेघ गर्जन के साथ तेज आंधी और बारिश की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना हो जाएगा।


कृषि विभाग की एडवाइजरी

खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को ध्यान में रखते हुए, कृषि विभाग ने एक एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका के चलते फिलहाल खेतों में सिंचाई न करें। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें इसे खुले आसमान के नीचे न छोड़ने और तिरपाल या सुरक्षित गोदामों में भंडारण का उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है ताकि भीगने से नुकसान न हो।


किसानों के लिए सलाह

मंडी में फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को भी मौसम के मिजाज को देखते हुए अपनी उपज घर से निकालने की सलाह दी गई है। 30 मार्च को संभावित आंधी की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो कमजोर ढांचों और खड़ी फसलों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।