×

हरियाणा में रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की बड़ी कार्रवाई

हरियाणा में एंटी-करप्शन ब्यूरो ने सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है। 190 अधिकारियों और कर्मचारियों की एक सूची तैयार की गई है, जिन पर रिश्वत लेने के आरोप हैं। इस सूची में राजस्व विभाग के अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक है। एसीबी ने शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है, जिससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 

हरियाणा में रिश्वतखोरी पर एसीबी की कार्रवाई


हरियाणा में रिश्वतखोरी पर एसीबी की कार्रवाई: हरियाणा के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। ब्यूरो ने 190 अधिकारियों और कर्मचारियों की एक सूची बनाई है, जिन पर रिश्वत लेने के आरोप लगते रहे हैं। एसीबी के मुख्यालय ने इस सूची को सभी जिलों की स्थानीय इकाइयों को भेजकर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एसीबी प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला के अनुसार, इस सूची में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह सूची लगभग छह महीने की गुप्त निगरानी, शिकायतों के विश्लेषण और खुफिया जांच के आधार पर तैयार की गई है।


दो चरणों में तैयार की गई सूची

एसीबी ने यह सूची दो चरणों में बनाई है। पहले चरण में 20 जुलाई को 140 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम जोड़े गए, जबकि दूसरे चरण में 5 अगस्त को 50 और नाम जोड़े गए। ब्यूरो की टीमों ने विभिन्न स्तरों से मिली शिकायतों और खुफिया सूचनाओं का विश्लेषण करके इन व्यक्तियों को चिह्नित किया। एसीबी के अनुसार, इन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि वे बिना रिश्वत के सरकारी कार्यों को आगे नहीं बढ़ाते।


राजस्व विभाग में सबसे अधिक शिकायतें

एसीबी की जांच में राजस्व विभाग रिश्वतखोरी से संबंधित शिकायतों के मामले में सबसे आगे रहा। इस विभाग के लगभग 37 अधिकारियों और कर्मचारियों को सूची में शामिल किया गया है। इसके बाद पुलिस विभाग का नंबर है, जहां करीब 22 अधिकारी और कर्मचारी एसीबी के रडार पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के लगभग 14 अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।


कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी रडार में

एसीबी की सूची केवल कुछ विभागों तक सीमित नहीं है। ब्यूरो की जांच में कई सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। इनमें राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शहरी स्थानीय निकाय, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले, बिजली, आबकारी एवं कराधान, परिवहन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), पंचायती राज, श्रम, खजाना एवं लेखा, शिक्षा, वन, खाद्य निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई और न्यायिक विभाग शामिल हैं।


शिकायतों के आधार पर कार्रवाई

एसीबी अब सूची में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। यह पहल सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर नियंत्रण लगाने और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एसीबी का ध्यान उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, जिनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं और जिनकी कार्यप्रणाली पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब सूची तैयार होने के बाद संबंधित जिलों की स्थानीय इकाइयों को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है।