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हरियाणा में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने की नई पहल

हरियाणा सरकार ने शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति की घोषणा की है, जिसमें मधुमक्खी पालकों की संख्या बढ़ाने और शहद के न्यूनतम मूल्य की गारंटी शामिल है। मुख्यमंत्री ने किसानों को स्थिर आय सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाओं की जानकारी दी। कुरुक्षेत्र में देश का पहला मधुमक्खी पालन विकास केंद्र स्थापित किया गया है, जो किसानों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस पहल से कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
 

मुख्यमंत्री ने विश्व मधुमक्खी दिवस पर की घोषणा

पंचकूला, 20 मई। हरियाणा अब दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ शहद उत्पादन में भी देश का प्रमुख राज्य बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। पंचकूला के सेक्टर-1 में आयोजित 'विश्व मधुमक्खी दिवस' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति की ओर बढ़ने के संदेश को दोहराते हुए बताया कि राज्य में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष नीति बनाई गई है। इस नीति के तहत, 2030 तक मधुमक्खी पालकों की संख्या को 7,750 तक बढ़ाने और कुल शहद उत्पादन को 15,500 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।


किसानों को मिलेगी स्थिर आय

हरियाणा सरकार ने किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मधुमक्खी पालन को राज्य की 'भावांतर भरपाई योजना' में शामिल किया गया है, जिसके तहत शहद का न्यूनतम मूल्य 120 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को घाटे की चिंता नहीं रहेगी। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने 30 प्रगतिशील किसानों के खातों में 1 करोड़ 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए इस व्यवसाय को 'मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना' से भी जोड़ा गया है।


कुरुक्षेत्र में खोला गया पहला मधुमक्खी पालन विकास केंद्र

कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मधुमक्खियों की भूमिका को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये जीव पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायल की आधुनिक तकनीक पर आधारित देश का पहला 'एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र' स्थापित किया गया है, जहां किसानों को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस केंद्र से अब तक 800 टन शहद का व्यापार किया जा चुका है। वर्तमान में हरियाणा में लगभग 5,000 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है, जिसे तीन गुना बढ़ाने की योजना है। यह व्यवसाय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का एक बेहतरीन साधन बन रहा है।


11 प्रगतिशील किसानों को मिला सम्मान

हरियाणा में वन और बागों की कमी के बावजूद, किसानों ने बागवानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2014 में जहां प्रदेश का कुल बागवानी क्षेत्र 1 लाख 17 हजार एकड़ था, वह अब बढ़कर 2 लाख 73 हजार एकड़ से अधिक हो चुका है। इस कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जो 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कर रहा है। इस समारोह में मुख्यमंत्री ने 11 उत्कृष्ट मधुमक्खी पालकों को 11-11 हजार रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही, विभाग की विशेष पुस्तक 'हरियाणा स्ट्राइड्स अहेड इन हॉर्टिकल्चर' का विमोचन भी किया गया।