हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की घोषणा
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों के लिए राहत
हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का संचालन करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। चंडीगढ़ में सरकार और आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान हो गया है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार की अगुवाई में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद, कर्मचारियों ने 15 मई से जारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद, प्रदेश के गांवों में सफाई व्यवस्था फिर से सुचारू हो गई है और सभी कर्मचारी अपने कार्य पर लौट आए हैं.
सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार ने कर्मचारी संगठनों को आश्वस्त किया है कि गांवों में तैनात लगभग 11,500 सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए 31 दिसंबर 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की समीक्षा की जाएगी। सरकार इस दिशा में एक विशेष नीति तैयार कर रही है, जिससे इन कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हो सके। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले गरीब परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा.
वेतन में वृद्धि और अन्य लाभ
बैठक में कर्मचारियों के वेतन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन ₹26,000 करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें हर साल ₹2100 की निश्चित वृद्धि जोड़ी जाएगी। इसके अलावा, 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों का मासिक वेतन ₹16,100 से बढ़ाकर ₹18,200 कर दिया जाएगा। सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि इस वर्ग को महंगाई के समय आर्थिक सहायता प्रदान करना आवश्यक है, जिसके तहत उन्हें हर साल दिवाली पर बोनस भी दिया जाएगा.
नए नियम और सुविधाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की कार्य स्थितियों में सुधार के लिए कई नए नियम लागू किए गए हैं। यदि किसी सफाई कर्मचारी को उसके मूल गांव से बाहर किसी अन्य ब्लॉक या चुनावी ड्यूटी पर भेजा जाता है, तो उसे यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) दिया जाएगा। इसके अलावा, कर्मचारियों को घर के लिए अनाज खरीदने के लिए ₹24,000 की ब्याज मुक्त अग्रिम राशि दी जाएगी, जिसकी वसूली बाद में ₹2000 प्रति महीने की आसान किस्तों में की जाएगी.
सफाई व्यवस्था की निगरानी
सफाई व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए, अब ग्रामीण क्षेत्रों में 5 से 6 गांवों को मिलाकर एक विशेष जोन बनाया जाएगा। इन जोनों में कार्य की निगरानी के लिए सुपरवाइजरों की नियुक्ति की जाएगी, जो कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी और कार्य की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस नए सिस्टम से कर्मचारियों की कार्यस्थल पर प्रताड़ना रुकेगी और गांवों की सफाई व्यवस्था की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी.
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