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हरियाणा में स्मार्ट विलेज परियोजना से गांवों का होगा कायाकल्प

हरियाणा में ग्रामीण विकास के लिए 'स्मार्ट विलेज' परियोजना की शुरुआत की जा रही है, जिसमें कोसली गांव को मॉडल स्ट्रीट के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य गांवों को शहरों की तरह आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है। इसमें पक्की सड़कें, कवर्ड ड्रेनेज सिस्टम, स्मार्ट लाइटिंग और डिजिटल जानकारी शामिल हैं। यह परियोजना तीन चरणों में लागू की जाएगी, जिससे गांवों से शहरों की ओर पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
 

हरियाणा में ग्रामीण विकास की नई पहल

रेवाड़ी. हरियाणा में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अब गांवों की गलियां भी शहरों की तरह आकर्षक और आधुनिक बनेंगी। पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के बड़े गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए ‘स्मार्ट विलेज’ योजना का खाका तैयार कर लिया है।


इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत रेवाड़ी जिले के ऐतिहासिक गांव कोसली का चयन किया गया है। विभाग ने गांव की मुख्य गलियों को मॉडल स्ट्रीट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करके मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।


स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट का उद्देश्य

स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट


इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल सड़कें बनाना नहीं है बल्कि ग्रामीण जीवनशैली में सुधार लाना है। रेवाड़ी के कोसली गांव में होने वाले बदलाव इसे एक आदर्श गांव की श्रेणी में ला खड़ा करेंगे।


मॉडल गलियों की विशेषताएँ




  • पक्की और सुंदर सड़कें: गांव की गलियों में अब साधारण ईंट या सीमेंट की जगह इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक्स और रंगीन टाइल्स लगाई जाएंगी। यह देखने में सुंदर होंगी और इनकी उम्र भी लंबी होगी।




  • कवर्ड ड्रेनेज सिस्टम: अक्सर गांवों में खुली नालियां गंदगी और बीमारी का कारण बनती हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत पानी की निकासी वाली नालियों को लोहे के मजबूत जाल से ढका जाएगा। इससे कचरा नालियों में नहीं फंसेगा और सफाई बनी रहेगी।




  • स्मार्ट लाइटिंग: सुरक्षा के लिहाज से गलियों के दोनों तरफ अत्याधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी ताकि रात के समय भी गांव दूधिया रोशनी से जगमगाता रहे।




  • डिजिटल जानकारी: गांव के प्रवेश द्वार पर एक भव्य गेट बनाया जाएगा। यहां एक डिजिटल मैप और सूचना पट्ट लगाया जाएगा जिससे बाहर से आने वाले लोगों को गांव के रास्तों और इतिहास की जानकारी आसानी से मिल सके।




हरियाणा का ग्रामीण परिदृश्य तीन चरणों में बदलेगा

तीन चरणों में बदलेगा हरियाणा का ग्रामीण परिदृश्य


पंचायती विभाग ने इस योजना को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने के लिए इसे तीन अलग अलग चरणों में बांटा है। यह वर्गीकरण गांव की जनसंख्या के आधार पर किया गया है।




  1. पहला चरण: इसमें उन गांवों को शामिल किया गया है जिनकी आबादी 10 हजार से अधिक है। रेवाड़ी का कोसली गांव इसी श्रेणी में आता है इसलिए यहां काम सबसे पहले शुरू होगा।




  2. दूसरा चरण: इसके बाद 5 हजार से लेकर 10 हजार तक की आबादी वाले गांवों का नंबर आएगा।




  3. तीसरा चरण: अंत में छोटे गांवों की गलियों को भी इसी तर्ज पर पक्का और सुंदर बनाया जाएगा।




बजट और मंजूरी का इंतजार

बजट और मंजूरी का इंतजार


विभागीय अधिकारियों के अनुसार कोसली गांव को स्मार्ट बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। प्रस्ताव तैयार है और तकनीकी टीम इसकी लागत और बारीकियों पर काम कर रही है। जैसे ही मुख्यालय से बजट और प्रशासनिक मंजूरी मिलती है वैसे ही जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी क्योंकि जब गांव में ही शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी तो लोग अपना घर छोड़ना नहीं चाहेंगे।