हरियाणा राज्यसभा चुनाव: रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति
हरियाणा राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें 9 अप्रैल को दो सीटों के लिए मतदान होगा। भारतीय चुनाव आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में आईएएस पंकज अग्रवाल की नियुक्ति की है। भाजपा और कांग्रेस के बीच वोटों का समीकरण भी महत्वपूर्ण है, जहां दोनों पार्टियों को अपने-अपने उम्मीदवारों को जीताने के लिए रणनीति बनानी होगी। जानें इस चुनाव की पूरी जानकारी और वोटिंग की प्रक्रिया के बारे में।
Feb 26, 2026, 16:50 IST
हरियाणा राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू
हरियाणा राज्यसभा चुनाव, डॉ रविंद्र मलिक, चंडीगढ़: भारतीय चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को हरियाणा से राज्यसभा की दो खाली सीटों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया आरंभ हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। मतदान की तिथि 16 मार्च निर्धारित की गई है। हाल ही में, निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों में 37 राज्यसभा सीटों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था।
रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति
आईएएस पंकज अग्रवाल रिटर्निंग ऑफिसर
चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में हरियाणा के आईएएस पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वे कृषि विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी कार्यरत हैं। असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल को सौंपी गई है।
कार्यकाल की समाप्ति
किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल
भाजपा के राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। चुनावी मामलों के विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने 25 फरवरी को चुनाव आयोग को एक शिकायत भेजी थी, जिसमें उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद के स्थान पर किसी उपयुक्त आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की मांग की थी। आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है।
निर्विरोध चुनाव
निर्विरोध चुने गए राम चंद्र जांगड़ा
राम चंद्र जांगड़ा, जो मार्च 2020 में निर्विरोध राज्यसभा सांसद बने थे, का कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से 9 अप्रैल 2026 तक है। इसी प्रकार, किरण चौधरी का कार्यकाल भी 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। यह सीट दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
वोटों का समीकरण
राज्यसभा चुनाव के लिए वोटों का समीकरण
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वैध मत हैं, जिनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इंडियन नेशनल लोकदल के 2 वोट शामिल हैं। राज्यसभा की 2 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, और जीत के लिए 31 वोटों की आवश्यकता है। यदि भाजपा अपने 2 उम्मीदवार उतारती है और कांग्रेस 1 उम्मीदवार, तो भाजपा अपने एक उम्मीदवार को 31 वोट देकर जीत सकती है।
कांग्रेस की स्थिति
कांग्रेस अपने उम्मीदवार को जिता सकती है
कांग्रेस अपने उम्मीदवार को 31 वोट देकर आसानी से जीत सकती है, जिसके बाद उसके पास 6 वोट बचेंगे। इस गणित के अनुसार, पहली सीट भाजपा और दूसरी सीट कांग्रेस की लगभग पक्की दिखती है।
भाजपा की चुनौती
भाजपा को क्रॉस वोटिंग की आवश्यकता
यदि भाजपा को दूसरी सीट भी जीतनी है, तो उसे क्रॉस वोटिंग के जरिए नौ विधायकों की आवश्यकता होगी, जो वर्तमान में संभव नहीं दिख रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा और कांग्रेस एक-एक उम्मीदवार चुनाव में उतारती हैं, तो वोटिंग की आवश्यकता नहीं होगी।