हरियाणा सरकार ने बिजली बकायदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई
हरियाणा में बिजली बकायदारों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक
अम्बाला, 13 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने बिजली बकायदारों के खिलाफ एक कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के लगभग 8000 करोड़ रुपये की वसूली के लिए विभाग ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के अनुसार, विभाग अब उन उपभोक्ताओं की संपत्तियों की नीलामी करेगा जो जानबूझकर अपने बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। यह अभियान अम्बाला, हिसार, रोहतक और गुरुग्राम सहित सभी जिलों में तेज किया गया है।
बकाया राशि का विवरण
साढ़े चार हजार करोड़ का बड़ा बकाया
आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) पर लगभग 4500 करोड़ रुपये का बकाया है। वहीं, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) को भी 3500 करोड़ रुपये की वसूली करनी है। बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि पहले चरण में 26 बड़े डिफाल्टरों पर कार्रवाई की गई है, जिनका बकाया 2 लाख रुपये से अधिक है। इन मामलों को नीलामी के लिए तहसीलदार के पास भेजा गया है।
कुर्की की प्रक्रिया
नोटिस के बाद सीधे कुर्की की कार्रवाई
विभाग ने वसूली के लिए एक सख्त और पारदर्शी प्रक्रिया तैयार की है। इसके तहत, संबंधित एसडीओ उपभोक्ता को तीन बार नोटिस जारी करेगा। यदि उपभोक्ता फिर भी भुगतान नहीं करता है, तो कार्यकारी अभियंता द्वारा एक अंतिम चेतावनी दी जाएगी। इस चेतावनी के बाद, फाइल तहसीलदार को भेज दी जाएगी, जो बकायदार की संपत्ति की नीलामी करेगा।
सामाजिक प्रभाव और सुशासन
आम जनता पर असर और सुशासन का संदेश
प्रदेश में 2000 से अधिक बड़े उपभोक्ताओं की पहचान की गई है, जिन पर करोड़ों रुपये का बकाया है। सरकार का यह कदम उन लोगों पर प्रभाव डालेगा जो वर्षों से मुफ्त बिजली की उम्मीद में बिल नहीं भर रहे थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए बकायदारों पर नियंत्रण आवश्यक है। इस कार्रवाई से बिजली चोरी और बिल न भरने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा, जिससे भविष्य में आम उपभोक्ताओं को सस्ती और निर्बाध बिजली मिल सकेगी।