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हरियाणा स्कूल में बच्ची पर बर्बर हमला: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हरियाणा के पंचकूला में एक स्कूल में KG की बच्ची पर हुए बर्बर हमले ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। परिजनों का आरोप है कि एक तीसरी कक्षा का छात्र बच्ची को उसके पिता के बुलाने का बहाना बनाकर स्कूल की पहली मंजिल पर ले गया और वहां उस पर पत्थरों और गमले से हमला किया। CCTV फुटेज में घटना की भयावहता स्पष्ट है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन दोनों बच्चे नाबालिग होने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
 

पंचकूला में हुई घटना

हरियाणा: पंचकूला के एक विद्यालय में कक्षा KG की एक छात्रा के साथ हुई क्रूरता ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि एक तीसरी कक्षा का छात्र बच्ची को उसके पिता के बुलाने का बहाना बनाकर स्कूल की पहली मंजिल पर ले गया, जहां उसने उस पर पत्थरों और गमले से हमला किया। बच्ची को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश पाई गई। उसे पहले सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर होने पर PGI चंडीगढ़ भेजा गया।


परिजनों का कहना है कि आरोपी छात्र ने बच्ची से कहा कि उसके पिता उसे बुला रहे हैं, इसी बहाने उसे पहली मंजिल पर ले जाकर मारपीट की गई। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि आरोपी ने पहले बच्ची पर पत्थरों से हमला किया और फिर गमले से उसे चोटें पहुंचाईं। इसके बाद भी वह बच्ची को घसीटता रहा और बेहोश होने के बाद भी उस पर हमला करता रहा। घायल बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।


घटना के बाद परिजनों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि CCTV कैमरों की निगरानी प्रिंसिपल के कार्यालय से की जाती है, तो इतनी गंभीर घटना के बावजूद किसी ने समय पर हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? उनका मानना है कि यदि समय पर कोई कार्रवाई की गई होती, तो बच्ची को इतनी गंभीर चोटें नहीं आतीं।


घटना की जानकारी मिलने पर सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप और जांच अधिकारी प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे। पुलिस स्कूल प्रबंधन से जानकारी जुटा रही है और हमलावर छात्र के माता-पिता से भी पूछताछ की जा रही है।


फिलहाल, पुलिस घटना की परिस्थितियों, स्कूल की निगरानी व्यवस्था और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। चूंकि दोनों बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।