हल्द्वानी में शुद्धिकरण यज्ञ पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी का आरोप
सियासी विवाद का नया मोड़
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण यज्ञ' को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 29 अगस्त 2026 को राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे छुआछूत का नया रूप और कानूनी अपराध करार दिया। खड़गे ने इस घटना पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की, यह कहते हुए कि उनके भाषण के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया।
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण किया गया, क्योंकि खड़गे दलित हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
विवाद का कारण
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे के कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने मंच का 'शुद्धिकरण' करने के लिए हवन किया। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। राहुल गांधी ने इसे खड़गे के दलित होने से जोड़ा और इसे अपराध बताया।
आयोजकों का स्पष्टीकरण
शुद्धिकरण कार्यक्रम के आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने कहा कि यह रस्म स्थल की पवित्रता को बहाल करने के लिए की गई थी। उन्होंने मंच पर छोड़ी गई गंदगी को साफ करने का दावा किया।
खड़गे की प्रतिक्रिया
खड़गे ने संसद में इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "मैंने हल्द्वानी में भाषण दिया, लेकिन उसके बाद बीजेपी के लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धीकरण किया। क्या यही लोकतंत्र है?"
बीजेपी का स्पष्टीकरण
जेपी नड्डा ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि खड़गे का आरोप दुखद है, लेकिन इसमें बीजेपी का कोई हाथ नहीं था। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।
घटनाक्रम का समय
- 8 अगस्त 2026: खड़गे की रैली में शामिल हुए।
- 10 अगस्त 2026: आरोप लगा कि बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोगों ने मंच का शुद्धिकरण किया।
- 13 अगस्त 2026: खड़गे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया।
- 29 अगस्त 2026: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मामला फिर गरमाया।
विवाद का विस्तार
यह विवाद हल्द्वानी से शुरू हुआ और देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के आवास का घेराव किया। पंजाब में कांग्रेस के नेता FIR दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
कांग्रेस ने खड़गे की रैली को 2027 के उत्तराखंड चुनाव से जोड़ा है। यह विवाद अब पार्टी के लिए एक चुनावी मुद्दा बन सकता है। वहीं, शुद्धिकरण कराने वाले संगठन ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है।