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हाथरस में स्मार्ट सिटी का विकास: यमुना प्राधिकरण का नया कदम

यमुना प्राधिकरण ने हाथरस जिले में एक नई स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना बनाई है, जिसमें 4000 हेक्टेयर भूमि का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के तहत मास्टर प्लान 2041 तैयार किया जाएगा, और विभिन्न कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। 8 अक्टूबर को तकनीकी टेंडर खोला जाएगा, जिससे मास्टर प्लान तैयार करने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। यह कदम हाथरस क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कृषि से उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
 

यमुना प्राधिकरण का नया शहर बसाने का निर्णय

Greater Noida News: यमुना प्राधिकरण ने हाथरस जिले में एक नया शहर विकसित करने की योजना बनाई है। इस परियोजना में 358 अधिसूचित गांवों को शामिल करते हुए लगभग 4000 हेक्टेयर भूमि पर एक स्मार्ट सिटी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए मास्टर प्लान 2041 तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और प्राधिकरण ने विभिन्न कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया है।


टेंडर प्रक्रिया की जानकारी

8 अक्टूबर को खोला जाएगा टेंडर
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी और महाप्रबंधक (नियोजन) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि मास्टर प्लान के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। तकनीकी टेंडर 8 अक्टूबर को खोला जाएगा, जिसके आधार पर मास्टर प्लान तैयार करने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। चयनित कंपनी को जनसंख्या, सुविधाएं, जल स्रोत, कृषि उत्पाद, उद्योगों की स्थिति और पर्यावरण पहलुओं का सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।


हाथरस जिले का विकास योजना में समावेश

फेज दो में शामिल है हाथरस जिला
यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत कुल 6 जिले आते हैं, जिनमें गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस शामिल हैं। पहले चरण में विकास कार्य गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर में किए गए थे। अब हाथरस जिले को पहली बार विकास योजना में शामिल किया गया है, जबकि मथुरा, अलीगढ़ और आगरा के लिए मास्टर प्लान पहले ही तैयार किया जा चुका है।


कृषि और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

कृषि को मिलेगा बढ़ावा
न्यू हाथरस में यमुना प्राधिकरण कृषि आधारित और एमएसएमई उद्योगों को प्राथमिकता देगा। कृषि इकाइयों के साथ-साथ निर्यात को बढ़ावा देने की योजना है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक हब, आवासीय क्षेत्र, सामाजिक ढांचा और जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी।


आर्थिक और सामाजिक बदलाव की उम्मीद

विकास की रफ्तार होगी दोगुनी
यमुना प्राधिकरण का यह कदम हाथरस क्षेत्र के लिए आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के लिहाज से एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है। नए शहर के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कृषि से उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।