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हापुड़ में जासूसी के आरोप में दो युवकों की गिरफ्तारी

दिल्ली इंटेलिजेंस ब्यूरो और यूपी पुलिस ने हापुड़ में दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। आरोपियों ने भारत के संवेदनशील स्थलों की जानकारी पाकिस्तान को भेजी। इस मामले में शामिल गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क भी चर्चा का विषय है। जानें पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
 

हापुड़ में जासूसी का खुलासा

हापुड़ में दो जासूसों की गिरफ्तारी: दिल्ली की इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक महत्वपूर्ण जासूसी मामले का खुलासा किया है। हापुड़ से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अजीम राणा और आजाद राजपूत के रूप में हुई है, जिनमें से अजीम हापुड़ के धौलाना का निवासी है और आजाद मेरठ के जई गांव से है।

दोनों युवक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और भारत के संवेदनशील स्थलों की जानकारी उसे भेज रहे थे। जांच में यह पता चला है कि वे इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और वॉट्सऐप के जरिए लगातार संपर्क में थे। 2025 में शुरू हुई उनकी बातचीत धीरे-धीरे जासूसी में बदल गई। पैसों के लालच में आकर उन्होंने संवेदनशील स्थलों की जानकारी साझा करना शुरू कर दिया।

हापुड़ के एसपी केजी सिंह ने बताया कि आरोपियों ने दिल्ली के राम नगर मेट्रो स्टेशन, ग्रेटर नोएडा के रावण मंदिर और अन्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों की तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान को भेजी। 19 फरवरी 2026 को भी उन्होंने कई संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा की थी। उन्होंने आगे बताया कि दोनों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनके मोबाइल से कई महत्वपूर्ण तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं, जो जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं।

शहजाद भट्टी का परिचय

शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक कुख्यात डॉन माना जाता है, जिसका नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ है। पाकिस्तान सरकार ने उस पर पाबंदी लगा रखी है। कहा जाता है कि वह हथियारों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उसके नेटवर्क के माध्यम से चीन, अमेरिका, रूस जैसे देशों से हथियार खरीदे जाते हैं और फिर उन्हें विश्वभर में वितरित किया जाता है। भारतीय खुफिया एजेंसियों को भट्टी के यूरोप में होने की जानकारी मिली है, लेकिन उसकी सही लोकेशन अभी तक किसी को नहीं पता है।