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हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव 2026: हृदय रोग विशेषज्ञों की चिंताएं और पुरस्कार

वाराणसी में आयोजित हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में हृदय रोग विशेषज्ञों ने अनियमित जीवनशैली और युवा उम्र में हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। इस कार्यक्रम में शोध प्रस्तुत किए गए और चिकित्सकों को पुरस्कार भी दिए गए। जानें इस महत्वपूर्ण आयोजन के बारे में और विशेषज्ञों की राय।
 

हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन

हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव 2026: वाराणसी में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देशभर से हृदय रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। आयोजक सचिव डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि अनियमित जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और धूम्रपान के कारण युवा उम्र में हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है।


किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के हृदय रोग विभाग के डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि यदि 20 मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो उनमें से 4 मरीज 40 वर्ष से कम उम्र के होते हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।


डॉ. पी आर सिन्हा, डॉ. रजनी, डॉ. पियूष राय, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. धर्मेंद्र जैन, डॉ. आलोक सिंह, और डॉ. विकास तिवारी सहित 36 हृदय रोग विशेषज्ञों ने अपने शोध प्रस्तुत किए, जिससे चिकित्सकों को नई जानकारी मिली। हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस गंभीरता के प्रति जागरूक करना है।


इस कार्यक्रम में तीन चिकित्सकों को पुरस्कार भी दिए गए। लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार डॉ. डी के अग्रवाल को, बेस्ट रिसीवर अवार्ड डॉ. प्रतिभा राय को, और सामाजिक कार्यों के लिए डॉ. कुमार निरंजन को दिया गया।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. आलोक कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने दिया। इस अवसर पर डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. ए के शर्मा, डॉ. गुलाब शंकर सिंह, डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, और सैकड़ों अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।