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हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

दिल्ली की अदालत ने हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उन्हें एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। भारद्वाज के खिलाफ कई धाराएं लगाई गई हैं, जिसमें पॉक्सो कानून भी शामिल है। इस मामले में और क्या जानकारी है, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
 

भारद्वाज की गिरफ्तारी और पुलिस हिरासत


हिंदुत्व के प्रभावशाली व्यक्ति स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को दिल्ली की एक अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।


सूत्रों के अनुसार, भारद्वाज को अपराह्न लगभग दो बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर के समक्ष पेश किया गया। उनके लिए नियुक्त वकील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायाधीश के सामने उपस्थित हुए।


उन्हें पहले पटियाला हाउस अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद थी। भारद्वाज को जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हुए कथित हमले के सिलसिले में शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। इससे पहले कॉजपा ने उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।


दिल्ली पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं जोड़ी हैं। इसके अलावा, उनके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।


एक साक्षात्कार में भारद्वाज ने दावा किया था कि 23 जून को कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने नाबालिग कार्यकर्ता के पिता संजय का 'सिर फोड़ दिया था'।


वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, 'क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उन्हें 60 टांके लगे थे।'


दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि संजय को लगी चोटें 'सामान्य' थीं। हालांकि, बाद में एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने कहा कि उसने आत्मरक्षा में यह कदम उठाया था।


पुलिस ने बीएनएस की धाराएं 351(3), 78 (पीछा करना) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्य) भी लगाई हैं। इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लागू की गई है।


नाबालिग ने आरोप लगाया कि अपने पिता पर हुए हमले के खिलाफ बोलने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे दुष्कर्म की धमकी दी गई, उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसकी तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई।


आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी संसद मार्ग पुलिस थाने में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


प्रतिनिधिमंडल ने हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी अधिनियम की धाराएं जोड़ने के साथ-साथ लड़की को दी गई दुष्कर्म की धमकियों के खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।