हिमाचल प्रदेश में 27 साल बाद लॉटरी की वापसी, दिवाली पर विशेष ड्रॉ
हिमाचल प्रदेश लॉटरी 2026:
हिमाचल प्रदेश में लगभग 27 वर्षों के बाद लॉटरी को फिर से शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार इस योजना को दिवाली के समय लागू करने की तैयारी कर रही है। इस बार लॉटरी केवल कागजी टिकटों और स्टॉल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट खरीदने की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार का उद्देश्य इस लॉटरी के माध्यम से राज्य के लिए अतिरिक्त आय उत्पन्न करना है, जिससे हर साल लगभग 50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। हालांकि, लॉटरी शुरू होने से पहले इसकी प्रक्रिया, नियम और अधिकृत माध्यमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
दिवाली से लॉटरी शुरू करने की योजना
सरकार का इरादा है कि लॉटरी की शुरुआत दिवाली के आसपास की जाए। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने का दावा किया गया है। अब आगे की प्रक्रिया में टेंडर जारी किया जाना है, जिसके बाद जिस एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी, वह टिकट की बिक्री और ड्रॉ की व्यवस्था संभालेगी। इसका मतलब है कि दिवाली तक लॉटरी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन वास्तविक शुरुआत टेंडर और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट की उपलब्धता
इस बार सरकार लॉटरी की बिक्री के लिए दो प्रकार की व्यवस्था बनाने की योजना बना रही है। पहला पारंपरिक तरीका होगा, जिसमें लोग अधिकृत स्टॉल से टिकट खरीद सकेंगे। दूसरा तरीका ऑनलाइन होगा, जिससे लोग मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यमों से घर बैठे टिकट खरीद सकेंगे। ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने पर लोगों को टिकट खरीदने के लिए स्टॉल पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
हर साल 50 करोड़ रुपये की उम्मीद
हिमाचल सरकार के सामने आर्थिक संसाधनों को बढ़ाने की चुनौती है। लॉटरी को अतिरिक्त राजस्व जुटाने के एक साधन के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार, इससे हर साल लगभग 50 करोड़ रुपये की आय हो सकती है, जिसका उपयोग राज्य की विकास योजनाओं और अन्य सरकारी कार्यों में किया जाएगा। हालांकि, वास्तविक राजस्व लॉटरी की बिक्री, पुरस्कार राशि, संचालन खर्च और सरकार द्वारा निर्धारित नियमों पर निर्भर करेगा।
दिवाली और नए साल पर विशेष ड्रॉ
नई व्यवस्था में केवल सामान्य लॉटरी ड्रॉ ही नहीं होंगे। सरकार की योजना के अनुसार, दिवाली, नए साल और अन्य बड़े त्योहारों पर विशेष बंपर ड्रॉ भी आयोजित किए जा सकते हैं। बंपर ड्रॉ का मतलब है ऐसे विशेष ड्रॉ जिनमें सामान्य ड्रॉ की तुलना में बड़े पुरस्कार रखे जा सकते हैं, जिससे त्योहारों के दौरान लॉटरी में लोगों की रुचि बढ़ सकती है।
27 साल पहले लॉटरी क्यों बंद हुई थी?
हिमाचल प्रदेश में लॉटरी को 1999 में बंद कर दिया गया था। उस समय लॉटरी से संबंधित सामाजिक और आर्थिक नुकसान की शिकायतें आई थीं। सरकार की चिंता थी कि इसका प्रभाव विशेष रूप से कम आय वाले परिवारों पर पड़ सकता है। इसके अलावा धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण से जुड़ी शिकायतें भी लॉटरी बंद करने के कारणों में शामिल थीं। लंबे समय तक राज्य में लॉटरी पर रोक लगी रही, लेकिन अब सरकार ने बदलती परिस्थितियों और वित्तीय जरूरतों को देखते हुए लॉटरी को फिर से शुरू करने की योजना बनाई है।