×

हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित चंडीगढ़-मनाली हाईवे

हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश के कारण चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय हाईवे पूरी तरह से ठप हो गया है। ब्यास नदी का उफान और भूस्खलन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को परेशान कर दिया है। जानें इस स्थिति के बारे में और राहत कार्यों की जानकारी।
 

हिमाचल प्रदेश में बाढ़ का कहर

हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति: हाल ही में हो रही भारी बारिश के कारण चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुल्लू के एक प्रमुख टोल प्लाजा पर ब्यास नदी का उफान देखा जा सकता है।


मानसून की बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी हुई हैं, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कुल्लू और मनाली में ब्यास नदी की तेज धाराओं के कारण सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।


ब्यास नदी का उफान

टोल प्लाजा में बाढ़ का दृश्य


हिमाचल प्रदेश की स्थिति एक वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि टोल प्लाजा पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंता ने बताया कि ब्यास नदी की तेज लहरों के कारण कई क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, राजमार्ग का लगभग 200 मीटर से अधिक हिस्सा बाढ़ में बह गया है। सड़कें ही नहीं, बल्कि आस-पास के ढाबे, रेस्टोरेंट और दुकानों में भी बाढ़ का पानी भर गया है। पर्यटक फंसे हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार मानसून का प्रभाव अत्यधिक विनाशकारी रहा है।
 


बारिश का आम जीवन पर प्रभाव

ग्रामीणों की कठिनाइयाँ


बारिश के कारण ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अचानक बादल फटने से कई गांवों में बाढ़ आ गई है, जिससे इंसानों और मवेशियों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गए हैं और लोगों को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 20 जून से अब तक बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के कारण 150 से अधिक लोगों की जान चली गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।