हिमाचल प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 155 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण आम जनता का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 259 सड़कें बंद हैं और 255 बिजली ट्रांसफार्मर कार्य नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 88 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 39 और शिमला में 13 सड़कें भी आवाजाही के लिए बंद हैं।
आपदाओं में हुई मौतों का आंकड़ा
मानसून से संबंधित आपदाओं में अब तक 155 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 68 मौतें आपदा से जुड़ी घटनाओं में और 87 सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। मंडी में सबसे अधिक 14 मौतें हुई हैं, जबकि कांगड़ा में 11, चंबा और शिमला में 9-9 तथा कुल्लू में 8 मौतें दर्ज की गई हैं। भूस्खलन, पेड़-पत्थर गिरने, डूबने, अचानक बाढ़ और आग जैसी घटनाओं में 68 मौतें हुई हैं। सड़क हादसों में चंबा में सबसे अधिक 15 मौतें हुई हैं।
आर्थिक नुकसान का आकलन
सरकारी विभागों, कृषि और निजी संपत्तियों को लगभग 8352 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सबसे अधिक 6158 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग को 1998 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसमें 213 घर पूरी तरह और 620 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 256 झोपड़ियां और 22 दुकानें भी प्रभावित हुई हैं।
राहत और बहाली कार्य जारी
स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें बंद सड़कों को खोलने, बिजली बहाल करने और पानी की व्यवस्था को सुधारने में लगी हुई हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य सड़कों और आवश्यक सुविधाओं की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे सतर्क रहें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। बारिश जारी रहने की स्थिति में और नुकसान की आशंका बनी हुई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।