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हिमाचल प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, भूस्खलन और हादसे

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भूस्खलन, बादल फटने और अन्य घटनाओं के कारण कई मजदूर मलबे में दब गए हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया है। स्कूलों में भी हादसे हुए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर


नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर से समस्याएँ खड़ी कर दी हैं। सिरमौर से लेकर लाहौल-स्पीति और मंडी तक बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। सिरमौर की चूना पत्थर खान में भूस्खलन के कारण तीन मजदूर मलबे में दब गए हैं। वहीं, लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क बह गई और कई वाहन फंस गए। कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने के कारण चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।


भूस्खलन की घटनाएँ और बचाव कार्य

कफोटा उपमंडल के बांगरण धार में मंगलवार को अचानक भूस्खलन हुआ। चूना पत्थर की खान में भारी मलबा गिरने से तीन मजदूर दब गए। ट्रक और एलएनटी मशीन भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। दबे हुए लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय व्यक्ति और दो प्रवासी मजदूर शामिल हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।


बचाव कार्य में चुनौतियाँ

लगातार गिर रहा मलबा, रेस्क्यू में दिक्कत


नायब तहसीलदार कमरऊ ओम प्रकाश ठाकुर के अनुसार, घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार मलबा गिरने से मुश्किलें बनी हुई हैं। क्षेत्र को स्लाइडिंग जोन बताया गया है। प्रशासन, पुलिस और बचाव दल सावधानी से अभियान चला रहे हैं। खनन कार्य पर पहले ही रोक लगी हुई थी। बताया गया कि कुछ मजदूर सामान लेने के लिए खान के अंदर गए थे, तभी अचानक भूस्खलन हो गया।


लाहौल-स्पीति और मंडी में स्थिति

लाहौल-स्पीति और मंडी में भी असर


लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क का एक हिस्सा बह गया, जिससे नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और किसानों के वाहन फंस गए। मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ। कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने से चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


स्कूल में हादसा

स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा


सिरमौर के संगड़ाह स्थित प्राथमिक स्कूल लगनू में भी बारिश के दौरान एक हादसा हुआ। कक्षा में पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर एक बच्ची के सिर पर गिर गया, जिससे वह घायल हो गई। शिक्षक ने उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उसके सिर पर 11 टांके लगाए गए। घटना के बाद अभिभावकों ने पुराने और जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।


नाले में फंसे बच्चे और शिक्षक

नाले में फंसे 43 बच्चे और 12 शिक्षक


सिरमौर में नाले में अचानक पानी बढ़ने से मातर स्कूल के 43 बच्चे और 12 अध्यापक करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के बीच भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।