हिमाचल प्रदेश में बारिश से तबाही: डॉक्टर दंपति की कार पर गिरी चट्टानें
कुल्लू में प्राकृतिक आपदा का कहर
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मूसलधार बारिश और दरकते पहाड़ों ने तबाही मचा रखी है। कुल्लू जिले में एक भयानक घटना ने एक खुशहाल परिवार को पल भर में बर्बाद कर दिया। यहां एक चलती कार पर अचानक पहाड़ी से विशाल चट्टानें गिर गईं। इस दर्दनाक हादसे में एक प्रसिद्ध डॉक्टर और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी लगातार बारिश और भूस्खलन ने स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया है।
मंदिर से लौटते समय हादसा
यह दिल दहला देने वाला हादसा कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में रानाबाग-देवरी मार्ग पर सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, रामपुर के श्रीखंड अस्पताल में कार्यरत गायनी विशेषज्ञ डॉ. बृज अपनी पत्नी और बेटी के साथ खुदडीजल मंदिर में पूजा करके लौट रहे थे। अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और भारी चट्टानें उनकी कार पर गिर गईं। चट्टानों के प्रहार से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गहरे नाले में पलट गई। इस घटना में डॉक्टर दंपति की मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी को तुरंत आनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किन्नौर में हाईवे पर जाम
कुल्लू में हुई इस आपदा का असर केवल यहीं तक सीमित नहीं रहा। किन्नौर जिले में भी बीती रात चौरा के पास भारी भूस्खलन ने लोगों को परेशान कर दिया। पहाड़ से मलबा गिरने के कारण नेशनल हाईवे-5 पूरी तरह से बंद हो गया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। प्रशासन और हाईवे प्राधिकरण की मेहनत के बाद लगभग छह घंटे बाद इस महत्वपूर्ण हाईवे को यातायात के लिए फिर से खोला जा सका।
धर्मशाला में बारिश का कहर
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, धर्मशाला में सबसे ज्यादा 147.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि चंबा के भटियात में 75.3 मिलीमीटर पानी बरसा है। मौसम की इस विकराल स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। डलहौजी में सुबह हुई भारी बारिश के कारण एसडीएम ने एहतियात के तौर पर सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का ऐलान किया है, ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।