हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 118 सड़कों का बंद होना और 216 पेयजल योजनाओं का प्रभावित होना
मुख्य समाचार
कई प्रमुख स्थानों का संपर्क दुनिया के अन्य हिस्सों से कटा, मंडी में सबसे बुरा हाल
शिमला : हर साल की तरह इस बार भी मानसून के दौरान प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, इस बार बादल फटने की घटनाएं पिछले साल की तुलना में कम हुई हैं, लेकिन ताजा रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मानसून का प्रभाव पहाड़ी जिलों पर अधिक है।
आज सुबह 10 बजे तक की स्थिति
बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों का बंद होना, बिजली की आपूर्ति बाधित होना और पेयजल योजनाओं का प्रभावित होना जारी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 118 सड़कों का बंद होना, 19 बिजली ट्रांसफार्मर का प्रभावित होना और 216 पेयजल योजनाओं का बाधित होना दर्ज किया गया है।
बारिश, भूस्खलन ने मंडी को किया सबसे ज्यादा प्रभावित
मंडी जिले में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 48 सड़कों का बंद होना दर्ज किया गया है। इनमें सराज में 26, थलौट में पांच, सुंदरनगर में चार, जोगिंद्रनगर में एक, पधर में नौ, धर्मपुर में एक और सरकाघाट में दो सड़कों का बंद होना शामिल है।
बिजली से ज्यादा पानी की योजनाएं प्रभावित
बारिश और भूस्खलन का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। प्रदेश में 216 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा, 19 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर भी बाधित बताए गए हैं।
प्राकृतिक आपदा से अब तक 79 मौत
मानसून सीजन की स्थिति चिंताजनक है। 30 जून से 15 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण 79 लोगों की मौत हुई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, बिजली गिरने और अन्य घटनाएं शामिल हैं।