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हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर महिला संघ की चिंता

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एडवा) ने हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने हाल ही में हुई हत्याओं और अन्य अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर चिंता

शिमला: अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एडवा) की हिमाचल प्रदेश शाखा ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संघ की राज्य अध्यक्ष रंजना जारेट और सचिव फाल्मा चौहान ने एक बयान में हाल ही में हुई महिलाओं की हत्या की घटनाओं की कड़ी निंदा की।


उन्होंने शिमला जिले में एक ही सप्ताह में हुई दो अलग-अलग घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें रोहड़ू में एक महिला की गोली मारकर हत्या और एक बुजुर्ग महिला का गला घोंटने का मामला शामिल है। इन घटनाओं ने महिलाओं में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। महिला संगठन ने मंडी, कांगड़ा, सरकाघाट, कुल्लू और सैंज जैसे जिलों में महिलाओं के खिलाफ हुई हिंसा के मामलों का भी जिक्र किया और कहा कि ये दुखद घटनाएं लोगों के दिलों में ताजा हैं। संघ ने कहा कि ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति एक चिंताजनक स्थिति को दर्शाती है, जिस पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।


महिला संगठन की नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के महिला कल्याण के दावों का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं पड़ा है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हत्या, यौन उत्पीड़न, अपहरण और प्रताड़ना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमियों को उजागर करते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक राज्य में महिलाओं के खिलाफ 478 अपराध दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 49 मामले नाबालिगों के साथ यौन अपराधों से संबंधित हैं।


संगठन ने यह भी बताया कि इस अवधि में छेड़छाड़ के 117 और महिलाओं के अपहरण के लगभग 110 मामले दर्ज किए गए हैं। संघ ने कहा कि घरेलू हिंसा और क्रूरता के कई मामले अक्सर दर्ज नहीं होते या स्थानीय स्तर पर ही सुलझा लिए जाते हैं, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में शामिल व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए संघ ने राज्य सरकार से मामलों की त्वरित जांच और आरोपियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने की अपील की है। संगठन ने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, पुलिस प्रशासन में सुधार करने और राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।