हिमाचल प्रदेश में माघी पर्व पर आग से छह लोगों की मौत: एक परिवार की त्रासदी
सिरमौर में माघी पर्व का दुखद अंत
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नौहराधार में माघी पर्व की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। देर रात एक भयंकर आग ने दो परिवारों की जिंदगी को लील लिया। इस हादसे में एक ही परिवार की मां और उसके तीन बच्चों सहित कुल छह लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया।
त्योहार के दौरान मायके आए मेहमानों के लिए यह यात्रा अंतिम साबित हुई। मकर संक्रांति के अवसर पर माघी पर्व मनाने आईं दो बहनें अपने परिवारों के साथ यहां ठहरी हुई थीं, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे माहौल को शोक में बदल दिया।
अंगीठी से लगी आग का कहर
जानकारी के अनुसार, नौहराधार से लगभग 15 किलोमीटर दूर घंडुरी के तलागना गांव में मोहन सिंह के घर में सभी लोग सो रहे थे। रात के समय जल रही अंगीठी से आग भड़क उठी और देखते ही देखते आग पूरे कमरे में फैल गई। इसी दौरान वहां रखा गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
इस हादसे में केवल लोकेंद्र सिंह को बचाया जा सका, जिन्हें गंभीर हालत में सोलन अस्पताल भेजा गया है।
परिवार की त्रासदी
बताया गया है कि शिमला जिले के चौपाल के गांव बिज्जर (कुंबडा़) निवासी लोकेंद्र ठाकुर उर्फ छोटू अपनी पत्नी कविता और तीन बच्चों के साथ माघी पर्व पर मेहमान बनकर यहां आए थे। इस हादसे में कविता और उनके तीनों बच्चों - बेटियां सारिका, कृतिका और बेटा कृतिक की जलकर मौत हो गई।
इसके अलावा, दूसरी बहन तृप्ता और उनके पति नरेश कुमार (निवासी टपरौली, राजगढ़) की भी इस अग्निकांड में जान चली गई।
माघी पर्व की मेहमानवाजी का दुखद परिणाम
सिरमौर जिले में माघ महीने के दौरान लगभग एक महीने तक माघी मेला और मेहमानवाजी का दौर चलता है। इसी परंपरा के तहत कविता और तृप्ता अपने-अपने परिवार के साथ मायके आई थीं। लेकिन यह त्योहार उनके लिए जीवन का अंतिम पड़ाव बन गया।
नेताओं का शोक
इस दुखद घटना पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल सहित कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। स्थानीय विधायक विनय कुमार ने भी इस हादसे पर दुख जताया और कहा कि वे दिल्ली से सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं।