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होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव: 1600 जहाज फंसे

तेहरान में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में लगभग 1600 जहाज फंसे हुए हैं। पिछले 24 घंटों में कोई भी जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से नहीं गुजरा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है, जिसमें ईरान पर आरोप लगाया गया है कि वह जहाजों पर हमले कर रहा है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

24 घंटे में एक भी जहाज नहीं गुजरा


तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। अमेरिका ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन फ्रीडम' की शुरुआत की थी, लेकिन इसे दो दिन बाद ही रोक दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, यह महत्वपूर्ण जलमार्ग फिर से बंद हो गया है। वर्तमान में, लगभग 1600 जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और पिछले 24 घंटों में कोई भी जहाज यहाँ से नहीं गुजरा है।


रोजाना 130 जहाजों की आवाजाही

यह वही जलमार्ग है जहाँ सामान्य दिनों में प्रतिदिन 130 से अधिक जहाजों की आवाजाही होती थी। इस स्थिति ने वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। रूसी मीडिया के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक गई है। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है, जिसमें ईरान पर आरोप लगाया गया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले कर रहा है और 'गैरकानूनी टोल' वसूल रहा है।


संयुक्त राष्ट्र से अपील

कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ राजनयिकों ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि इस समुद्री मार्ग पर सामान्य आवाजाही को बहाल करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रस्ताव सऊदी अरब, कुवैत और अमेरिका के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। इसमें ईरान से यह मांग की गई है कि वह समुद्री रास्ते में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगों की जानकारी प्रदान करे और राहत सामग्री, खाद्य पदार्थ और आवश्यक सामान पहुँचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता व्यवस्था में सहयोग करे।