×

150 वर्षों में पहली बार लाल किले पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला जब लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का संपूर्ण गायन किया गया। यह आयोजन 2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। इस समारोह में युवा शक्ति और विकसित भारत के लक्ष्य पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। जानें इस विशेष आयोजन के बारे में और इसके महत्व को।
 

150 वर्षों का जश्न: वंदे मातरम्


150 वर्षों का जश्न: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह ने एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी बना। दिल्ली के लाल किले पर पहली बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ का संपूर्ण गायन किया गया। इसके बाद परंपरा के अनुसार राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि 2026 में ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को एक विशेष स्थान दिया गया।


वंदे मातरम् का 150वां वर्ष

2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है। इसे स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से गहराई से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों में ऊर्जा और राष्ट्रीय भावना का संचार किया। इस अवसर पर सरकार ने पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह में भी इसे प्रमुखता दी गई थी।


स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध

‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का प्रतीक बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में इसके योगदान का उल्लेख किया था। इसी ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे विशेष महत्व दिया गया। लाल किले जैसे महत्वपूर्ण स्थल से इसका गायन इस वर्ष के समारोह को और भी यादगार बना गया।


राष्ट्रगान से पहले का गायन

15 अगस्त के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ और फिर राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार, 2026 का स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की आजादी के इतिहास, राष्ट्रीय गीत की 150 साल पुरानी विरासत और भविष्य के भारत के संकल्प को एक साथ जोड़ता नजर आया।


युवा शक्ति पर ध्यान

इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह की दूसरी प्रमुख थीम ‘युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047’ रही। इसका उद्देश्य देश के युवाओं की भूमिका को उजागर करना और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जोड़ना है। इस दृष्टिकोण से, 2026 का समारोह केवल आजादी का उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को याद करने और भविष्य के विकसित भारत का संकल्प लेने का अवसर भी बना। ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर लाल किले से इसका पहला गायन इस समारोह की सबसे खास और ऐतिहासिक घटनाओं में शामिल हो गया।