A23 ने ऑनलाइन गेमिंग बैन के खिलाफ अदालत में दी चुनौती
भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग ने एक महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई का सामना किया है, जब A23 ने सरकार द्वारा लगाए गए पैसे पर आधारित गेम्स के प्रतिबंध के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। यह मामला उस विवादास्पद कानून के खिलाफ है जिसने कई प्रतियोगिताओं को अचानक रोक दिया है। जानें इस कानूनी चुनौती के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
Aug 29, 2025, 11:51 IST
भारत में ऑनलाइन गेमिंग का कानूनी विवाद
Online Money Game, नई दिल्ली: भारत के ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कानूनी चुनौती का सामना किया है। प्रसिद्ध गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म A23 ने सरकार द्वारा लगाए गए पैसे पर आधारित गेम्स के प्रतिबंध के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। यह मामला उस विवादास्पद कानून के खिलाफ है जिसने कई लोकप्रिय प्रतियोगिताओं को अचानक रोक दिया है, जिससे पूरे उद्योग के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
A23 और नया गेमिंग कानून
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हाल ही में ऐसे खेलों पर प्रतिबंध लगाने वाला एक नया कानून पेश किया। सरकार का कहना है कि ये खेल जुए को बढ़ावा देते हैं, जबकि उद्योग का तर्क है कि ये कौशल-आधारित हैं और इन्हें सट्टेबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भारत में पहले से ही जुए पर कड़े प्रतिबंध हैं, और यह नया कानून निवेशकों और गेमिंग कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है।
उद्योग पर प्रभाव
इस प्रतिबंध से अरबों डॉलर के संभावित विकास को खतरा है। टाइगर ग्लोबल और पीक XV पार्टनर्स जैसी प्रमुख वेंचर कैपिटल कंपनियों ने इस क्षेत्र में भारी निवेश किया है, और अनुमान है कि 2029 तक यह उद्योग 3.6 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।
A23 की याचिका
28 अगस्त को कर्नाटक उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में, A23 ने कहा कि उसके खेल रम्मी और पोकर कौशल पर आधारित हैं, और यह कानून एक वैध व्यवसाय को रातोंरात अपराधी बना देता है। A23 ने इस प्रतिबंध को "पितृसत्तात्मक अतिक्रमण का परिणाम" बताया और अनुरोध किया कि इसे असंवैधानिक घोषित किया जाए।
व्यापक परिणाम
इसका व्यापक प्रभाव पहले ही बड़े नामों पर पड़ चुका है: ड्रीम11 और एमपीएल (मोबाइल प्रीमियर लीग) ने अपनी धन-आधारित प्रतियोगिताओं को निलंबित कर दिया है। एमपीएल ने कानून को चुनौती न देने का निर्णय लिया है और उद्योग निकायों को फ्री-टू-प्ले मॉडल अपनाने की सलाह दी है।
सरकार का रुख
मोदी सरकार ने बार-बार पैसे पर आधारित गेमिंग की लत के खतरों का हवाला देते हुए इसकी निंदा की है। इस कानून की घोषणा करते हुए, सरकार ने कहा कि ऐसी "सामाजिक बुराइयों" से निपटना उसका कर्तव्य है।
A23 द्वारा प्रतिबंध के खिलाफ पहला कानूनी मोर्चा खोलने के साथ, अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जो भारत के तेजी से बढ़ते गेमिंग उद्योग के भविष्य को आकार दे सकता है।