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BCCI में नेतृत्व परिवर्तन: रोजर बिन्नी का इस्तीफा और राजीव शुक्ला की अंतरिम अध्यक्षता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में एक महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है, जिसमें अध्यक्ष रोजर बिन्नी अपने पद से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। BCCI के संविधान के अनुसार, 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद कोई भी अधिकारी अपने पद पर नहीं रह सकता। राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के साथ ही BCCI की वार्षिक आम बैठक और चुनाव भी अगले महीने आयोजित किए जाएंगे। जानें इस बदलाव के पीछे की पूरी कहानी।
 

BCCI में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में एक महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान अध्यक्ष और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रोजर बिन्नी अपने पद से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। यह बदलाव BCCI के संविधान में निर्धारित 70 वर्ष की आयु सीमा के कारण हो रहा है।


इस बीच, बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी शुरू कर दिया है।


BCCI के नियमों के अनुसार, कोई भी अधिकारी 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद अपने पद पर नहीं रह सकता। रोजर बिन्नी अब 70 वर्ष के हो चुके हैं, जिससे वह अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य हो जाएंगे। राजीव शुक्ला अगले कुछ महीनों तक या नए अध्यक्ष के चुनाव तक इस पद को संभालेंगे। शुक्ला 2020 से BCCI के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।


रिपोर्टों के अनुसार, राजीव शुक्ला की अध्यक्षता में 27 अगस्त को BCCI के अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इस बैठक में Dream11 के हटने के बाद टीम इंडिया के नए टाइटल स्पॉन्सरशिप पर चर्चा की गई, जो यह दर्शाता है कि बोर्ड में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


रोजर बिन्नी को 2022 में पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह BCCI का 36वां अध्यक्ष बनाया गया था। गांगुली 2019 से 2022 तक इस पद पर रहे। बिन्नी BCCI के अध्यक्ष बनने वाले तीसरे पूर्व क्रिकेटर हैं।


दिलचस्प बात यह है कि नया राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून लागू होने की प्रक्रिया में है, फिर भी BCCI अगले महीने यानी सितंबर में अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) और चुनाव आयोजित करेगा। खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक नया कानून औपचारिक रूप से लागू नहीं होता, तब तक सभी चुनाव मौजूदा संविधान के तहत ही होंगे।