Bulandshahr Violence Case: 38 Convicts to Face Sentencing Today
Bulandshahr Violence Case Update
Bulandshahr Violence Case Update: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में स्याना हिंसा और हत्या मामले में आज, 1 अगस्त 2025 को सजा का ऐलान किया जाएगा। थोड़ी देर में 38 दोषियों को सजा सुनाई जाएगी, जिन्हें 30 जुलाई 2025 को दोषी ठहराया गया था। इन दोषियों में भाजपा नेता, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और RSS से जुड़े लोग शामिल हैं। मामले के फैसले को लेकर बुलंदशहर कोर्ट के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 5 थानों की पुलिस तैनात की गई है और 3 सीओ को दोषियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोर्ट के आसपास का क्षेत्र सील कर दिया गया है।
एक नाबालिग का केस जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन
ASP ऋजुल ने जानकारी दी कि बुलंदशहर थाने की पुलिस ने 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से 5 आरोपियों की मौत हो चुकी है और एक नाबालिग आरोपी का मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है। बुलंदशहर कोर्ट ने 30 जुलाई 2025 को 38 लोगों को हिंसा, आगजनी और हत्या के मामले में दोषी ठहराया। 5 लोगों पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या का आरोप साबित हुआ है, जबकि बाकी 33 लोगों पर हिंसा भड़काने, आगजनी और हत्या के प्रयास का दोष सिद्ध हुआ। गोकशी के मामले में हिंसा भड़की थी, जिसके परिणामस्वरूप इंस्पेक्टर और एक युवक की हत्या कर दी गई थी और चौकी को आग के हवाले कर दिया गया था।
क्या हुआ था 3 दिसंबर 2018 को?
3 दिसंबर 2018 को बुलंदशहर जिले के स्याना कस्बे के महाव गांव में गोकशी की अफवाह फैल गई थी। गांव में गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना पर हिंदूवादी संगठन और ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीण अवशेषों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर चौकी पहुंचे और गोकशी का विरोध किया। पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव किया। भीड़ ने चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हमला किया और पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी। इस हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और एक युवक सुमित कुमार की जान चली गई। पथराव और पुलिस गाड़ियों को जलाने के बाद भीड़ ने पुलिस चौकी को भी फूंक दिया था।
मुख्य दोषी जिला पंचायत सदस्य योगेश
उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोकशी के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर सुभाष सिंह ने हिंसा, आगजनी और हत्या की शिकायत दर्ज कराई। मुख्य आरोपी, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य योगेश राज सहित 27 लोगों को नामजद किया गया और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। हालांकि, पुलिस की जांच में 44 लोग ही आरोपी साबित हुए। 16 लोगों के नाम सबूतों के अभाव में केस से हटा दिए गए। 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 6 साल 7 महीने में 5 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 38 लोग दोषी हैं, जिनमें से 4 जेल में हैं और 34 जमानत पर बाहर हैं।