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CUET परीक्षा रद्द: छात्रों का प्रदर्शन, तकनीकी खामियों पर उठे सवाल

नोएडा में आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) परीक्षा तकनीकी खामियों के कारण रद्द कर दी गई, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद छात्रों ने केंद्र के बाहर धरना दिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा की तैयारी में महीनों लगे, और अब उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और छात्रों की मांगें।
 

CUET परीक्षा रद्द होने से छात्रों में आक्रोश


CUET परीक्षा रद्द: नोएडा के सेक्टर-62 में स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर शनिवार को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के आयोजन में छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सुबह से परीक्षा देने आए सैकड़ों छात्रों को तकनीकी समस्याओं के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद परीक्षा रद्द होने की घोषणा की गई। इस पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने केंद्र के बाहर धरना देकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी की।


छात्रों का कहना है कि वे सुबह नौ बजे की परीक्षा के लिए समय पर केंद्र पहुंचे थे। लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद जब उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला, तो वहां भी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। अभ्यर्थियों के अनुसार, उन्हें परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते हुए एक से दो घंटे तक कक्ष में बैठाए रखा गया, जबकि कई कमरों में पंखे भी नहीं चल रहे थे। भीषण गर्मी में छात्रों ने परीक्षा शुरू होने का इंतजार किया, लेकिन अंततः परीक्षा रद्द कर दी गई।


प्रदर्शन में शामिल अनुज ने बताया कि उनके भाई की परीक्षा सुबह नौ बजे से थी। वह सुबह 6:30 बजे उन्हें केंद्र छोड़कर घर लौट गए थे और दस बजे लेने पहुंचे, लेकिन तब तक कोई भी छात्र बाहर नहीं आया था। अंदर से लगातार यह घोषणा की जा रही थी कि तकनीकी कारणों से परीक्षा शुरू नहीं हो पा रही है। अनुज के अनुसार, एक छात्र ने बाहर आकर बताया कि दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई और छात्रों को बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही थी।


अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। 12वीं के बाद देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।


केंद्र के बाहर देर तक विरोध-प्रदर्शन चलता रहा। परीक्षा रद्द होने से निराश छात्र और अभिभावक व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं, तो परीक्षा आयोजित करने से पहले इसकी जांच की जानी चाहिए थी, ताकि छात्रों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।