EPF और EPS: नौकरी छोड़ने पर पेंशन लाभ कैसे प्राप्त करें
पेंशन योजना में योगदान
कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा राशि के साथ-साथ पेंशन योजना, जिसे EPS कहा जाता है, में भी योगदान होता है। जब कोई कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ता है, तो वह इस पेंशन हिस्से से संबंधित लाभ प्राप्त करने के लिए Form 10C का उपयोग कर सकता है।
Form 10C का उपयोग
इस फॉर्म के माध्यम से, योग्य सदस्य पेंशन से संबंधित स्कीम सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ मामलों में, इसी फॉर्म के जरिए पेंशन फंड से विड्रॉल बेनिफिट लेने का विकल्प भी उपलब्ध होता है।
पेंशन नियमों की विविधता
फॉर्म 10C भरने के बाद मिलने वाले लाभ का निर्धारण कर्मचारी की पेंशन सेवा और लागू शर्तों पर निर्भर करता है। कर्मचारी अपनी इच्छा से केवल पैसे निकालने या स्कीम सर्टिफिकेट लेने का विकल्प नहीं चुन सकता; इसके लिए आवश्यक पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। इसलिए, नौकरी छोड़ने से पहले अपनी पेंशन सेवा की अवधि और उपलब्ध विकल्पों को समझना आवश्यक है।
10 साल से कम सेवा
यदि किसी कर्मचारी की पेंशन सेवा 10 साल से कम है, तो निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर वह फॉर्म 10C के माध्यम से विड्रॉल बेनिफिट के लिए आवेदन कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने 8 साल तक काम किया और फिर नौकरी छोड़ दी, तो वह पात्रता पूरी होने पर फॉर्म 10C के जरिए पेंशन राशि निकालने के लिए आवेदन कर सकता है।
10 साल या उससे अधिक सेवा
यदि पेंशन सेवा 10 साल या उससे अधिक हो जाती है, तो कर्मचारी के लिए स्कीम सर्टिफिकेट का विकल्प महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे उसकी पिछली पेंशन सेवा का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। मान लीजिए, किसी ने 11 साल काम किया और फिर नौकरी छोड़ी, तो उसकी 11 साल की पेंशन सेवा का रिकॉर्ड भविष्य में दूसरी नौकरी में नई पेंशन सेवा से जोड़ा जा सकता है।
नौकरी बदलने के समय ध्यान देने योग्य बातें
नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को पेंशन से संबंधित राशि निकालने से पहले उपलब्ध विकल्पों को समझना चाहिए। यदि स्कीम सर्टिफिकेट का विकल्प लागू होता है, तो पुरानी पेंशन सेवा का रिकॉर्ड भविष्य में उपयोगी हो सकता है। इसलिए, नौकरी छोड़ने या बदलने के समय केवल तत्काल राशि निकालने पर ध्यान देने के बजाय अपनी पेंशन सेवा के भविष्य के लाभों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।