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Gen-Z का प्रमोशन से इनकार: मानसिक शांति को प्राथमिकता

चीन में Gen-Z युवा प्रमोशन के तनाव को ठुकरा रहे हैं, क्योंकि वे मानसिक शांति और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस नई सोच के पीछे की वजहें और उदाहरण जानें, जैसे कि एक युवती जिसने तीन बार प्रमोशन के प्रस्ताव को अस्वीकार किया। यह प्रवृत्ति 'कॉन्शियस अनबॉक्सिंग' के नाम से जानी जा रही है, जिसमें युवा अपनी स्किल्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
 

युवाओं की नई सोच: प्रमोशन का तनाव नहीं चाहिए

बीजिंग: कॉर्पोरेट क्षेत्र में पदोन्नति और करियर की प्रगति को हमेशा सफलता का प्रतीक माना गया है, लेकिन आज की युवा पीढ़ी, जिसे Gen-Z कहा जाता है, ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। चीन में, कई युवा कर्मचारी प्रमोशन के अवसरों को ठुकरा रहे हैं। उनका मानना है कि प्रमोशन के साथ आने वाला मानसिक तनाव, अतिरिक्त कार्यभार और जिम्मेदारियां उनके मानसिक स्वास्थ्य से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हैं। इस बदलाव को 'कॉन्शियस अनबॉक्सिंग' के रूप में जाना जा रहा है।


प्रमोशन के बजाय यात्रा को प्राथमिकता दी


इस प्रवृत्ति का एक उदाहरण 'जून' नाम की एक चीनी युवती है, जिसने अब तक तीन बार प्रमोशन के प्रस्ताव को अस्वीकार किया है। एक बार, उन्होंने नई जिम्मेदारी लेने के बजाय छुट्टी लेकर यात्रा करना बेहतर समझा। जब उन्हें एक एजुकेशन कंपनी में ट्रेनिंग सेंटर का लीड बनाया गया, तो काम का दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने दो हफ्ते के भीतर ही अपनी पुरानी पोस्ट पर लौटने का निर्णय लिया। इसके बाद, उन्होंने तीसरे प्रमोशन को भी यह कहते हुए ठुकरा दिया कि बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के लिए मिलने वाली सैलरी में कोई खास वृद्धि नहीं थी।


महज ₹1,200 की बढ़त पर भारी तनाव


चीन के सोशल मीडिया पर एक अन्य युवक की कहानी भी वायरल हो रही है। उसने बताया कि टीम लीड बनने पर उसकी मासिक सैलरी में केवल ₹1,200 की मामूली वृद्धि की गई थी, लेकिन किसी भी जूनियर की गलती होने पर उसे ही जिम्मेदार ठहराया जाता था। इस तरह के मामूली लाभ के लिए दिन-रात का तनाव झेलना युवाओं को स्वीकार्य नहीं है।


72% युवा अपनी स्किल्स पर ध्यान देना चाहते हैं


ब्रिटिश हायरिंग कंपनी 'रॉबर्ट वाल्टर्स' के हालिया सर्वे में भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार, आधे से अधिक Gen-Z प्रोफेशनल्स ने कहा है कि वे मिडिल मैनेजर या टीम लीडर नहीं बनना चाहते। लगभग 72% युवाओं ने स्पष्ट किया कि वे टीम को प्रबंधित करने और मीटिंग्स में उलझने के बजाय अपनी व्यक्तिगत स्किल्स को निखारने और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं। यह नई पीढ़ी कार्य और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन और मानसिक शांति को किसी भी बड़े पद या खोखले रुतबे से अधिक महत्व दे रही है।