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IIT बॉम्बे के निदेशक ने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया

आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया है। संस्थान ने एक छात्र की आत्महत्या के मामले में माफी मांगी है। जानें इस मामले में क्या हुआ और संस्थान ने क्या कहा।
 

आईआईटी बॉम्बे का आधिकारिक बयान

मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के निदेशक, प्रोफेसर शिरीष केदारे ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। संस्थान ने एक घंटे के भीतर दो बार इस बात की पुष्टि की। आईआईटी बॉम्बे ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बताया कि निदेशक का इस्तीफा नहीं हुआ है और संबंधित खबरें गलत हैं।

Director IIT Bombay has NOT resigned.
We categorically state that the related news is false. https://t.co/Prxomzm7Ux

— IIT Bombay (@iitbombay) September 21, 2026


छात्र की आत्महत्या पर प्रतिक्रिया

आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र की आत्महत्या के मामले में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, प्रोफेसर केदारे ने रविवार रात कहा था कि वे सोमवार को इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं, लेकिन यह भी बताया कि उन्हें उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस मामले पर चर्चा के लिए सोमवार को आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बीच, संस्थान ने छात्र साहिल की दुखद मौत से संबंधित परिस्थितियों के बारे में अपने पूर्व बयान के लिए माफी मांगी है।


संस्थान की माफी का कारण

संस्थान ने कहा कि 'इस घटना से जुड़ी जानकारी और परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। चल रही जांच के मद्देनजर, उनकी मौत से पहले की घटनाओं के बारे में जानकारी देना या उनके बारे में कोई राय बनाना गलत था, क्योंकि अभी तक जांच की सही प्रक्रिया के जरिए ये बातें पूरी तरह से साबित नहीं हुई हैं।'


छात्र की आत्महत्या का विवरण

IIT बॉम्बे किस बयान के लिए माफी मांगी?

संस्थान ने बताया कि 'आईआईटी बॉम्बे के एनर्जी साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। संस्थान की छात्र और उसके करीबी लोगों के प्रति पूरी संवेदना है। इसी दिन परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उसने परीक्षा के प्रश्न पत्र का फोटो लेकर चैटजीपीटी पर सवाल अपलोड करके उसके उत्तर मांगे थे। छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। शिक्षकों और विभाग के प्रमुख ने छात्र से बात की थी और उसे समझाया था कि इस चीटिंग से उसके अकादमिक करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल में लौट गया और शाम को अपने कमरे में मृत पाया गया। आईआईटी बॉम्बे ने छात्र को खोने पर गहरा दुख व्यक्त किया है और संस्थान छात्र के परिवार, दोस्तों और अन्य सदस्यों की सहायता कर रहा है।

इसके बाद संस्थान ने अपने इस बयान पर माफी मांगी। संस्थान का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले ही छात्र की मौत से पहले की घटनाओं की जानकारी देना सही नहीं था।