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IIT बॉम्बे सुसाइड केस: प्रोफेसर का निलंबन और विवादित बयान पर खेद

IIT बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है। प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को निलंबित किया गया है, जबकि संस्थान ने अपने विवादित बयान पर खेद व्यक्त किया है। साहिल के परिवार ने जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर उठते सवाल।
 

IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की आत्महत्या का मामला

IIT बॉम्बे सुसाइड केस:  IIT बॉम्बे में बीटेक के छात्र साहिल वाकोडे की मृत्यु के मामले में नया मोड़ आया है। संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन के पद से निलंबित कर दिया है। साहिल के परिवार की शिकायत पर दुल्ला का नाम एफआईआर में शामिल किया गया है, जिसमें उन पर जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस द्वारा की जा रही है।


IIT का खेद और विवादित बयान


इस विवाद के बीच, IIT बॉम्बे ने साहिल की मृत्यु के बाद जारी अपने प्रारंभिक बयान पर खेद व्यक्त किया है। संस्थान ने स्वीकार किया कि घटना की परिस्थितियों पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं था। यह कदम छात्रों के विरोध और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद उठाया गया है। 19 सितंबर को IIT ने बताया था कि साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान के अनुसार, उसने परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड किया था। IIT ने यह भी कहा था कि उसके खिलाफ तत्काल कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी और उसे समझाया गया था कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


जांच और कैंपस में उठते सवाल


साहिल के माता-पिता की शिकायत के बाद प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, IIT बॉम्बे ने पहले जातिगत भेदभाव के आरोपों को खारिज किया था। अब पुलिस जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों और साहिल की मृत्यु से पहले की घटनाओं की जांच की जा रही है।


साहिल की मृत्यु के बाद IIT परिसरों में छात्रों के मानसिक दबाव और संस्थागत व्यवस्था पर चर्चा फिर से तेज हो गई है। Global IIT Alumni Support Group के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दशकों में IIT छात्रों की कम से कम 160 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। यह आंकड़ा स्वतंत्र रूप से एकत्रित किया गया है, और यह आधिकारिक सरकारी आंकड़ा नहीं है।