ITR-U: छूटे हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने का सही तरीका
ITR-U के माध्यम से पुराना रिटर्न दाखिल करें
नई दिल्ली: जैसे-जैसे आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आती है, कई करदाताओं के मन में यह सवाल उठता है कि यदि पिछले वर्ष का ITR दाखिल करना भूल गए हैं, तो क्या अब इसे भरा जा सकता है। ऐसे मामलों में आयकर कानून में ITR-U, यानी अपडेटेड रिटर्न की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से कुछ शर्तों के तहत पुराना रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। आयकर विभाग के अनुसार, ITR-U उन करदाताओं के लिए है जो समय पर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए या पहले से दाखिल रिटर्न में आय से संबंधित जानकारी शामिल करना भूल गए थे। हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है और अतिरिक्त टैक्स भी देना पड़ता है।
चार साल तक मिलती है अपडेटेड रिटर्न की सुविधा
आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के तहत, करदाता संबंधित असेसमेंट वर्ष समाप्त होने के बाद 48 महीने यानी चार साल के भीतर ITR-U दाखिल कर सकते हैं। पहले यह समयसीमा 24 महीने थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया। इसका उद्देश्य उन लोगों को अपनी कर संबंधी जानकारी सही करने का अवसर देना है, जो समय पर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए थे।
किन परिस्थितियों में दाखिल किया जा सकता है ITR-U
यदि किसी करदाता ने मूल ITR दाखिल नहीं किया, पहले दाखिल रिटर्न में अतिरिक्त आय का उल्लेख नहीं किया, गलती से कम आय दिखाई या अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी को सही करना चाहता है, तो वह ITR-U का उपयोग कर सकता है। यह सुविधा ऐसे मामलों में करदाता को अपनी जानकारी अपडेट करने का अवसर देती है।
देरी के हिसाब से देना होगा अतिरिक्त टैक्स
ITR-U दाखिल करने पर केवल बकाया टैक्स ही नहीं, बल्कि निर्धारित अतिरिक्त टैक्स भी देना होता है। यदि रिटर्न 12 महीने के भीतर दाखिल किया जाता है तो कुल टैक्स और ब्याज पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी। 12 से 24 महीने के भीतर 50 प्रतिशत, 24 से 36 महीने के भीतर 60 प्रतिशत और 36 से 48 महीने के भीतर 70 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लागू होगा।
रिफंड के लिए नहीं कर सकते ITR-U का इस्तेमाल
ITR-U का उद्देश्य केवल छूटी हुई आय की जानकारी देना और बकाया टैक्स का भुगतान करना है। इस सुविधा के जरिए रिफंड का दावा नहीं किया जा सकता और न ही पहले से मिलने वाले रिफंड की राशि बढ़ाई जा सकती है। इसलिए इसे केवल आय और टैक्स से जुड़ी त्रुटियों को सुधारने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन
ITR-U दाखिल करने के लिए संबंधित असेसमेंट वर्ष का ITR फॉर्म भरने के साथ Form ITR-U भी जमा करना होता है। निर्धारित अतिरिक्त टैक्स और पेनल्टी का भुगतान करने के बाद इसे आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है। आवेदन से पहले पात्रता और सभी नियमों की जांच करना जरूरी है।