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JDU में के.सी. त्यागी का प्रभावी रूप से अंत, पार्टी ने लिया बड़ा फैसला

जनता दल (JDU) के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी से प्रभावी अलगाव हो गया है। JDU नेतृत्व ने उनके विवादास्पद बयानों के कारण उनसे दूरी बनाने का निर्णय लिया है। हाल ही में, त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी, जिसे पार्टी ने अस्वीकार कर दिया। इसके अलावा, बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में उनके बयान ने भी पार्टी में असंतोष पैदा किया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और JDU के भविष्य की रणनीति।
 

पटना में JDU के वरिष्ठ नेता का पार्टी से अलगाव


पटना: जनता दल (JDU) के प्रमुख नेता के.सी. त्यागी का पार्टी के साथ संबंध अब समाप्त हो गया है। JDU के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने त्यागी से दूरी बनाने का निर्णय लिया है, जो कि उनके विवादास्पद बयानों और कार्यों के कारण हुआ है, जिन्हें पार्टी की आधिकारिक नीति के खिलाफ माना गया। हालांकि, इस मामले में कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि के.सी. त्यागी अब JDU के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।


पार्टी में असंतोष और त्यागी के बयानों पर प्रतिक्रिया

हाल के हफ्तों में, त्यागी की सार्वजनिक टिप्पणियों ने JDU के भीतर असंतोष को जन्म दिया है। यह असंतोष तब और बढ़ गया जब JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी का त्यागी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि त्यागी के हालिया बयान उनकी व्यक्तिगत राय हैं और पार्टी के रुख को नहीं दर्शाते। रंजन ने यह भी कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता भी इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि क्या त्यागी अब भी औपचारिक रूप से JDU से जुड़े हुए हैं।


नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग

त्यागी ने PM मोदी को लिखा था पत्र

त्यागी की एक प्रमुख मांग थी कि बिहार के मुख्यमंत्री और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भारत रत्न दिया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह तर्क दिया कि नीतीश कुमार इस सम्मान के हकदार हैं, जैसे कि चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को पिछले वर्ष सम्मानित किया गया था। हालांकि, JDU ने इस मांग से तुरंत खुद को अलग कर लिया और स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव को पार्टी नेतृत्व का समर्थन नहीं था।


बांग्लादेशी क्रिकेटर पर विवादित बयान

बांग्लादेशी क्रिकेटर पर बयान

एक और विवाद का कारण त्यागी का बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान का समर्थन करने वाला बयान था। भारत में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के बीच, मुस्तफिजुर के IPL में भाग लेने का विरोध हुआ। अंततः, BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को उन्हें रिलीज करने का निर्देश दिया।


JDU नेतृत्व की नाराजगी

त्यागी के तर्क से नाराज हुआ JDU

त्यागी ने तर्क दिया कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए और भारत को मुस्तफिजुर को IPL में खेलने देने पर पुनर्विचार करना चाहिए। इस बयान से JDU नेतृत्व नाराज हो गया, क्योंकि यह जनता की भावना के खिलाफ था और NDA गठबंधन में बेचैनी पैदा कर दी।


NDA नीतियों पर त्यागी के विचार

NDA को लेकर त्यागी के अलग विचार

पार्टी के नेताओं का मानना है कि विदेशी मुद्दों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से पहले पार्टी से सलाह लेनी चाहिए। त्यागी के ऐसा न करने से असंतोष बढ़ गया। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने NDA की नीतियों पर अलग राय व्यक्त की है। पहले भी, उन्होंने सरकारी नौकरियों में लेटरल एंट्री, यूनिफॉर्म सिविल कोड और इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष जैसे मुद्दों पर स्वतंत्र टिप्पणियां की थीं।


भविष्य में त्यागी की भूमिका

इन मतभेदों के कारण त्यागी को पहले JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद गंवाना पड़ा था। अब, पार्टी सूत्रों ने पुष्टि की है कि भविष्य में JDU के राजनीतिक रुख को तय करने में त्यागी की कोई भूमिका नहीं होगी।