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Meta पर NEET पेपर लीक के विरोध में विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला

Meta, Facebook और Instagram की मूल कंपनी, NEET पेपर लीक के विरोध में विवाद में फंस गई है। हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और Meta इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और संपादित पोस्ट साझा किए गए। Meta ने इस मामले में सहयोग देने का आश्वासन दिया है। बीजेपी ने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और Meta की प्रतिक्रिया।
 

नई दिल्ली में Meta का विवाद


नई दिल्ली: Facebook और Instagram की मूल कंपनी Meta वर्तमान में विवादों में घिरी हुई है। हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और Meta इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि NEET परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और संपादित पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं।


Meta का बयान

इस मामले पर Meta ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि वह संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में है और जांच में पूरा सहयोग कर रही है। Meta ने यह भी बताया कि वे इस मुद्दे को शीघ्र सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।


We are in touch with the concerned agencies and are cooperating with them to resolve the matter: Meta Spokesperson https://t.co/kk8DD4lzLI

— News Media (@NewsMedia) August 1, 2026



मामला कैसे शुरू हुआ?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी तेलंगाना के सदस्य टी साईकिरण गौड़ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को सोशल मीडिया पर उन्हें कुछ ऐसे पोस्ट और वीडियो मिले, जो प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक थे। उन्होंने अपनी शिकायत में 20 सोशल मीडिया लिंक भी दिए और कहा कि इन पोस्ट्स से देश की एकता और माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


Meta पर आरोपों की जानकारी

शिकायत में कहा गया है कि इन पोस्ट्स में गलत जानकारी फैलाई जा रही थी। यह लोगों के बीच नफरत बढ़ाने का प्रयास कर रहा था और देश की सुरक्षा और एकता के लिए खतरा बन सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।


बीजेपी की प्रतिक्रिया

BJP ने दी प्रतिक्रिया: इस मामले के उजागर होने के बाद बीजेपी के नेता एन वी सुभाष ने कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गलत और अपमानजनक सामग्री फैलाए। यह मामला सोशल मीडिया पर कंटेंट की जिम्मेदारी और उसकी निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और Meta इस स्थिति को कैसे संभालती है।